कर चोरी से माल मंगाने वालों पर सख्ती के लिए चाहे जिनते कदम उठाए जाएं, वह नए रास्ते तलाश लेते हैं। वाणिज्य कर कमिश्नर की सख्ती के बाद जंक्शन से माल निकालना मुश्किल हुआ तो शातिरों ने प्रयाग स्टेशन को ठिकाना बना लिया। इन दिनों विभिन्न ट्रेनों से यहां बड़ी मात्रा में माल उतरा जा रहा है। बेहद शातिराना तरीके से उसे बाहर निकाला जाता है।
दिल्ली, कोलकाता, पंजाब आदि प्रदेशों से विभिन्न ट्रेनों के जरिए कपडे़, होजरी, ऑटो पार्ट्स, गिफ्ट आइटम आदि बड़े पैमाने पर ट्रेनों से आता है।
इसमें काफी माल टैक्स की चोरी से भी मंगाया जाता है। इसे माल को सूबेदारगंज, बमरौली जैसे स्टेशनों पर ही ट्रेनों से उतार लिया जाता है। कुछ माल शातिराना तरीके से जंक्शन से भी निकाला जाता था। ऐसे माल को सफारी, फाच्यूर्नर, इनोवा जैसी गाड़ियों में भरकर ठिकाने तक पहुंचाया जाता था। वाणिज्य कर मुख्यालय को इसकी सूचना लंबे समय से मिल रही थी। इसके बाद कमिश्नर मुकेश कुमार मेश्राम ने जंक्शन समेत इलाहाबाद-दिल्ली रूट के अन्य स्टेशनों पर सख्ती का फरमान जारी किया। कमिश्नर के आदेश के बाद वाणिज्य कर विभाग के अफसरों ने सख्ती की तो कर चोरों ने ठिकाना बदल दिया। अब प्रयाग स्टेशन पर आए दिन कई ट्रेनों से कर चोरी का माल उतरता है, जिसे बेहद आसानी से स्टेशन से बाहर निकालकर ठिकाने तक पहुंचा दिया जाता है। अफसरों का कहना है कि कर चोरों से माल मंगाने वालों के खिलाफ सख्ती की जा रही है। प्रयाग स्टेशन पर भी निगरानी बढ़ाई जाएगी।