रेलवे की ग्रुप डी भर्ती परीक्षा में एसटीएफ ने साल्वर गैंग का भंडाफोड़ करते हुए साल्वर और एक अभ्यर्थी को गिरफ्तार कर लिया। परीक्षा में पास कराने के लिए चार लाख में सौदा तय हुआ था। पटना स्थित एक कोचिंग संचालक इस गिरोह का सरगना है। एसटीएफ ने कोचिंग संचालक समेत तीन अन्य लोगों को भी नामजद किया है। जल्द ही उन्हें पकड़ने के एक टीम पटना जाएगी। इससे पहले पिछले हफ्ते कानपुर में भी एसटीएफ ने इसी परीक्षा में साल्वर गैंग का खुलासा किया था।
रेलवे की ग्रुप डी परीक्षा में साल्वर गैंग के सक्रिय होने की खबर के बाद एसटीएफ के इंस्पेक्टर केसी राय को खुलासे में लगाया गया था। कुछ नंबरों को सर्विलांस पर लगाने के बाद गुरुवार को एसटीएफ टीम ने सुलेम सराय स्थित मधु वाचस्पति इंटर कालेज के गेट के पास से राजीव कुमार निवासी मनेरा पटना बिहार और मेधावृत पुरुषार्थी निवासी छिटनावन पटना को गिरफ्तार कर लिया। उनके पास से तीन प्रवेश पत्र, छह फोटो, व्हाट्सएप के 12 स्क्रीन शाट और 1800 रुपये नकद बरामद हुए। एसटीएफ के डिप्टी एसपी नवेंदु सिंह के मुताबिक मेधावृत पुरुषार्थी अभ्यर्थी है और राजीव को उसकी जगह बैठकर पेपर साल्व करना था।
पूछताछ में पता चला कि मेधावृत के दोस्त रंजन कुमार की दानापुर पटना में कोचिंग चलाने वाले राजीव सिंह से जान पहचान थी। राजीव कोचिंग की आड़ में पेपर साल्व कराने और पेपर आउट कराने का गिरोह चलाता है। रंजन के माध्यम से राजीव सिंह ने चार लाख रुपये परीक्षा में पास करने के लिए मांगे थे। मेधावृत ने 80 हजार रुपये एडवांस में दे दिए थे। साल्वर राजीव कुमार को दस हजार रुपये एडवांस दिया गया था। पटना में ही कंप्यूटर शाप चलाने वाले अजय यादव प्रवेश पत्र में फोटो मिक्सिंग और फर्जी दस्तावेज तैयार करता है। उसके माध्यम से ही सारे कागजात बनाए गए थे। इस मामले में रंजन कुमार, कोचिंग संचालक राजीव सिंह और अजय यादव को भी नामजद किया गया है। जल्द ही उनकी तलाश में एसटीएफ की एक टीम पटना जाएगी। धूमनगंज थाने में मेधावृत और राजीव कुमार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
कानपुर में भी रेलवे की ग्रुप डी परीक्षा में साल्वर गिरोह का भंडाफोड़ एसटीएफ ने बीते आठ दिसंबर को किया था। एसटीएफ ने नवाबगंज के सराय फत्ते के रहने वोल गिरोह के सरगना राहुल कुमार के साथ छह लोगों को पकड़ा था। उनके साथ तीन अभ्यर्थी भी पकड़े गए थे। उनसे पूछताछ में साल्वर गिरोह के बारे में कई महत्वपूर्ण जानकारी मिली थी।