देश में पहली बार फ्रेट कॉरीडोर पर 700 किमी से ज्यादा का सफर तय करने वाली स्पेशल यात्री ट्रेन में बीती रात कई कीर्तिमान भी स्थापित किए। औसत चाल में स्पेशल ट्रेन में दिल्ली-प्रयागराज रूट पर चलने वाली राजधानी एक्सप्रेस एवं प्रयागराज एक्सप्रेस को भी पीछे कर दिया। इन दोनों ही वीवीआईपी ट्रेन के मुकाबले फ्रेट कॉरीडोर पर चली स्पेशल ट्रेन की औसत चाल कहीं बेहतर रही। फ्रेट कॉरीडोर पर इस ट्रेन का 731 किमी संचालन हुआ। इस दौरान इसकी औसत स्पीड 84.33 प्रतिघंटा रही।
दिल्ली-प्रयागराज रूट पर चलने वाली राजधानी एक्सप्रेस की औसत चाल 79 किमी प्रतिघंटा एवं प्रयागराज एक्सप्रेस की औसत चाल 72 किमी प्रतिघंटा है। इन दोनों ट्रेन के मुकाबले फ्रेट कॉरीडोर पर चली स्पेशल ट्रेन की औसत चाल 84.33 प्रतिघंटा रही। रेलवे प्रशासन इसे बड़ी उपलब्धि मान रहा है। दरअसल छठ पर्व मनाने के बाद वापसी करने वाले यात्रियों की भीड़ संभालने के लिए रेलवे ने पहली बार फ्रेट कारीडोर के रास्ते ट्रेन चलाने का निर्णय लिया था। इसमें दो ट्रेन-गया-शकूरबस्ती (दिल्ली) और दानापुर-शकूरबस्ती शेड्यूल की गई थी।
बुधवार को यह ट्रेन पुन: मंगलवार की समय सारिणी के अनुक्रम में ही शेड्यूल हुई। बुधवार की शाम गया से 5.00 बजे चली और उत्तर मध्य रेलवे क्षेत्र में पंडित दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन से रात 9.23 बजे ट्रेन ने प्रवेश किया। यह चुनार से 10:20 बजे एवं फ्रेट कॉरीडोर में यह न्यू डगमगपुर से 22:42 बजे गुजरी। स्पेशल ट्रेन ने डीएफसी मार्ग के 731 किलोमीटर की यात्रा के दौरान, मात्र न्यू कानपुर में रात 02:12 बजे से 02:25 बजे तक (13 मिनट) क्रू परिवर्तन और पानी भरने के लिए ठहराव लिया।
फ्रेट कॉरीडोर पर 8.37 घंटे तक यह चली। इस दौरान इसकी औसत गति 84.83 किलोमीटर प्रति घंटा रही। सुबह एनसीआर प्रयागराज मंडल के न्यू बोराकी स्टेशन से यह 07:18 बजे गुजरी, जो कि अपने निर्धारित डीएफसी समयसारिणी की तुलना में लगभग 42 मिनट कम था। ट्रेन अपने समय से पहले ही गाजियाबाद एवं नई दिल्ली पहुंच गई।
फ्रेट कॉरीडोर पर स्पेशल यात्री ट्रेन का सफल संचालन हुआ। यह बहुत ही ऐतिहासिक दिन है। फ्रेट कारीडोर पर जिस तरह से यात्री ट्रेन का सफल संचालन हुआ वह रेलवे के इतिहास में मील का पत्थर है। निश्चित ही इससे भविष्य की कई राह खुलेगी। - शशिकांत त्रिपाठी, सीपीआरओ, एनसीआर।