रेलवे ने कर्मचारियों को दिए जाने वाले कई भत्ते खत्म कर दिए हैं। इस आशय का एक पत्र रेलवे बोर्ड की ओर से उत्तर मध्य रेलवे जोन समेत देश के सभी जोनल रेलवे को जारी किया गया है। जो भत्ते खत्म किए गए हैं, उसमें ट्रैकमैन का रात्रि गश्त भत्ता, सतर्कता भत्ता, वाणिज्यिक भत्ता प्रमुख रूप से शामिल है। भत्ता खत्म कर दिए जाने रेलवे यूनियन से जुड़े नेताओं ने नाराजगी जताई है।
30 अगस्त 2017 को रेलवे बोर्ड के उप निदेशक/ई (पीएंड ए) अनिल कुमार की ओर से जारी किए गए पत्र में कई भत्तों को समाप्त करने की बात करने की बात कही गई है। इसमें कहा गया है कि सातवें केंद्रीय वेतन आयोग की सिफारिशों पर सरकार द्वारा लिए गए निर्णय के अनुसार कई भत्तों को समाप्त करने का निर्णय लिया गया है। इसमें लेखा स्टॉक सत्यापनकर्ता (एएसवी) भत्ता, वाणिज्यिक भत्ता जो इनक्वायरी कम रिजर्वेशन क्लर्क, वाणिज्यिक लिपिक, टीसी, एएसएम और एसएम को दिया जाता है उसे समाप्त किया जा रहा है। इसके अलावा फ्लाइंग स्क्वाड भत्ता जो मुख्यालय के फ्लाइंग स्क्वाड में कार्य करे सीटीआई और टीटीई को मिलता उसे भी बोर्ड ने समाप्त कर दिया है।
बोर्ड के पत्र में रेलवे के विजलेंस विभाग के सतर्कता निरीक्षकों को दिए जाने वाला विशेष भत्ता समाप्त करने की भी बात कही गई है। साथ ही ट्रैकमैन को रात्रि गश्त का दिए जाने वाला भत्ता भी बोर्ड ने अब समाप्त कर दिया है। नार्थ सेंट्रल रेलवे मेंस यूनियन के महामंत्री आरडी यादव ने भत्ता खत्म किए जाने पर नाराजगी जताई है। उनके मुताबिक जोन के इलाहाबाद, आगरा, झांसी मंडल में काफी संख्या में कर्मचारी इससे प्रभावित हुए हैं।