स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय में भर्ती रेलवे कर्मचारी की पत्नी को संदिग्ध वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया है। इसके साथ ही उसकी तीसरी बार कोरोना की जांच कराई जा रही है। रिपोर्ट निगेटिव आई तो उसे छुट्टी दे दी जाएगी। युवती की कोरोना की अब तक दो अलग-अलग प्राईवेट लैबों र्में जांच हुई है। इसमें एक लैब में वह पॉजिटिव आई है जबकि दूसरी में निगेटिव। इसको लेकर विवाद खड़ा हो गया है। युवती के पति स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय प्रशासन से पत्नी को अलग कमरे में आइसोलेशन की मांग की थी। चिकित्सालय प्रशासन ने उसे संदिग्ध वार्ड में भर्ती कर दिया है।
युवती का प्रसव 23 मई को सिविल लाइंस स्थित एक निजी अस्पताल में हुआ था। अस्पताल ने पहले उससे 4500 रुपये लेकर एक निजी पैथालॉजी से जांच कराई तो युवती की रिपोर्ट पॉजिटिव आई। इस आधार पर युवती को 24 मई को स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय रेफर कर दिया गया। वहां उसे कोविड वार्ड में रखा गया। निजी अस्पताल ने 24 मई को भी उसका स्वैब सैंपल लेकर एक दूसरी प्राईवेट लैब में जांच कराई। उसकी रिपोर्ट निगेटिव आई है।
निजी अस्पताल ने दूबारा कोविड-19 की जांच के लिए युवती से रुपये भी नहीं लिए। युवती के पति ने दूसरी रिपोर्ट को दिखाकर एसआरएन चिकित्सालय प्रशासन से उसे अलग कमरे में रखने की मांग की। इस पर चिकित्सालय प्रशासन ने उसे संदिग्ध वार्ड में रखकर जांच के लिए नमूना लिया है। मोती लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉ0 एसपी सिंह ने कहा कि युवती की जांच कराई जा रही है। रिपोर्ट के आधार पर आगे निर्णय लिया जाएगा। युवती के पति और नवजात की कोरोना रिपोर्ट पहले ही पॉजिटिव आ चुकी है।