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दारागंज में आवास बचाने के लिए पुराने पुल से 120 मीटर दूर बनेगा रेलवे का पुल

Sat, 22 May 2021 01:19 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

  • झूंसी साइड में 55 तो दारागंज साइड में पुराने रेल पुल से नए पुल की दूरी की गई 120 मीटर
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पुल
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विस्तार
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दारागंज में वर्षों से रह रहे लोगों के आवास बचाने के लिए रेलवे ने बीच का रास्ता निकाला है। रेलवे द्वारा दारागंज साइड में पुराने रेल पुल से नए रेल पुल को तकरीबन 120 मीटर दूर बनाया जाएगा। ऐसा करने से वहां कई आवास ध्वस्त होने से बचाए जा सकेंगे। इस पुल से आने वाले रेल ट्रैक को परेड ग्राउंड से निकालते हुए  दारागंज-प्रयागराज रामबाग लाइन में मिलाया जाएगा। 
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दरअसल पूर्वोत्तर रेलवे द्वारा वाराणसी से प्रयागराज जंक्शन तक रेल लाइन का दोहरीकरण किया जा रहा है। इसी वजह से झूंसी से दारागंज को जोड़ने के लिए रेलवे द्वारा यहां पुल का निर्माण शुरू किया जगया है। पुराने रेल पुल और शास्त्री पुल के बीच में ही इसका निर्माण हो रहा है, लेकिन दारागंज साइड में आबादी बसी होने की वजह से इस पुल के निर्माण में थोड़ा फेर बदल रेल विकास निगम लिमिटेड (आरवीएनएल) द्वारा किया गया है। दरअसल रेलवे ने इस पुल को बनाने की जिम्मेदारी आरवीएनएल को दी है।

नए पुल की डिजाइन के हिसाब से यह झूंसी साइड में पुराने रेल पुल से तकरीबन 55 मीटर दूर है, जबकि अब दारागंज साइड में यह पुल अब तकरीबन 120 मीटर दूर हो जाएगा। अगर दारागंज साइड में भी यह पुल 55 मीटर दूर होता तो वहां तमाम लोगों के आवास तोड़ने पड़ते। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। पुल का निर्माण आरवीएनएल के प्रोजेक्ट डायरेक्टर विनय अग्रवाल की देखरेख में हो रहा है। 1.92 किलोमीटर लंबे इस पुल पर कुल 25 पिलर बनाए जाएंगे। वर्ष 2024 तक पुल तैयार होने की उम्मीद है। 

1909 में बना था पुराना झूंसी रेल ब्रिज

दारागंज को झूंसी से जोड़ने वाले पुराने रेल ब्रिज का निर्माण 1909 में हुआ था। तब अंग्रेज अफसर आइजेट की देखरेख में इस पुल का निर्माण हुआ था। इस वजह से इस पुल को आइजेट पुल के नाम से भी जाना जाता है। इस पुल में प्रत्येक 45.70 मीटर पर पिलर बने हुए हैं। इसमें कुल 40 पिलर हैं। इसकी ऊंचाई 18.71 मीटर है। पहले इस पुल पर मीटर गेज लाइन थी, बाद में इसे ब्रांड गेज में तब्दील किया गया। अब वाराणसी-प्रयागराज रूट का दोहरीकरण होने की वजह से यहां एक और पुल का निर्माण शुरू हुआ है।
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