केंद्रीय रेल विद्युतीकरण संगठन ( कोर) ने अपने यहां तैनात 238 री इंगेज कर्मचारियों को बाहर कर दिया है। इन सभी कर्मचारियों से कहा गया है कि उनकी सेवा समाप्त की जाती है और वह एक मई से कार्यालय ना आएं। जिन कर्मियों की सेवा समाप्त की गई है, वह सभी सेवानिवृत्त कर्मी हैं और उन्हें कोर ने दोबारा नौकरी पर रखा था ।
उधर उत्तर मध्य रेलवे प्रशासन ने भी ऐसे ही री इंगेज रेल कर्मियों को बाहर करने की तैयारी की है। इसकी सूची एनसीआर प्रशासन ने तैयार कर ली है। बताया जा रहा है कि यहां एक हजार से ज्यादा री इंगेज कर्मचारी बाहर किए जा सकते हैं। दरअसल उत्तर मध्य रेलवे प्रशासन और कोर ने कर्मचारियों की कमी को पूरा करने के लिए अपने यहां सेवानिवृत्त कर्मचारियों को दोबारा नौकरी दे रखी है। एनसीआर की ही बात करें तो यहां प्रयागराज मंडल में सर्वाधिक 618 सेवानिवृत्त रेलकर्मी तैनात हैं।
इसके अलावा झांसी मंडल में 150 आगरा में 188 एवं अन्य स्थानों पर भी तकरीबन 100 सेवानिवृत्त कर्मचारी काम कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि कोविड-19 के चलते केंद्र सरकार की गाइडलाइन की वजह से ही रेलवे प्रशासन अपने सेवानिवृत्त कर्मचारियों की सेवा नहीं लेगा। क्योंकि तमाम केंद्रीय एवं राज्य कार्यालयों में 55 वर्ष से ज्यादा की आयु वालों को छुट्टी दे दी गई है कि वह अपना घर से ही काम करें।
उधर कोर प्रयागराज द्वारा अपने सभी 238 सेवानिवृत्त कर्मचारी जो दोबारा नियुक्ति होने के बाद काम कर रहे हैं, उन्हें पत्र भेजकर कहा गया है कि वह एक मई से कार्यालय ना आएं और उनकी सभी सेवाएं समाप्त की जा रही हैं। कोर के सीपीआरओ अमिताभ शर्मा ने सेवानिवृत्त कर्मचारियों को पत्र दिए जाने की पुष्टि की है। उ
न्होंने कहा कि कोविड-19 की वजह से ही 60 वर्ष से ज्यादा की उम्र वाले रेल कर्मियों से काम ना कराने का निर्णय लिया गया है। वही एनसीआर की बात करें तो यहां भी एक हजार से ज्यादा सेवानिवृत्त कर्मचारियों को बाहर चलने की कवायद चल रही है पिछले दिनों ही जीएम एनसीआर राजीव चौधरी ने तीनों मंडलों मुख्यालय से सेवानिवृत्त कर्मचारियों की सूची मांगी थी। एनसीआर के सीपीआरओ अजीत कुमार सिंह ने कहा कि मुख्यालय को री इंगेज कर्मचारियों के संबंध में सूची मिल गई है । इस संबंध में शीघ्र ही निर्णय ले लिया जाएगा।