करछना में तहसील परिसर से महज 50 मीटर की दूरी पर लगी होर्डिंग बुधवार को चर्चा का विषय बनी रही। इसमें सबसे ऊपर अतीक अहमद, उसके नीचे मो. जावेद ऊर्फ पप्पू गंजिया व एक अन्य व्यक्ति का नाम है।
करछना में तहसील परिसर से महज 50 मीटर की दूरी पर लगी होर्डिंग बुधवार को चर्चा का विषय बनी रही। इसमें सबसे ऊपर अतीक अहमद, उसके नीचे मो. जावेद ऊर्फ पप्पू गंजिया व एक अन्य व्यक्ति का नाम है। साथ ही सवाल उठाया गया है कि अतीक के गुर्गों पर कार्रवाई कब होगी। होर्डिंग में तहसील प्रशासन पर भूमाफिया व उसके गुर्गों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया गया है। यहभी लिखा है कि योगीराज में प्रयागराज में भूमाफिया पर कार्रवाई नहीं होगी तो कब होगी।
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आरोप है कि भूमाफिया राजस्व अधिकारियों से मिलकर सरकारी जमीन मनमाने ढंग से बेच रहे हैं। करछना तहसील भूमाफिया के कब्जे में है। मोटी रकम लेकर पुश्तैनी खतौनी में भूमाफिया का नाम अंकित किया गया। मांग की गई है कि पुराने दस्तावेजों के आधार पर जांच कराई जाए जिससे इस पूरे खेल का खुलासा हो सके।
खास बात यह है कि लगभग ऐसी ही होर्डिंग एक नवंबर को ट्रैफिक मंथ के उद्घाटन के दौरान सुभाष चौराहे पर लगाई गई थी। उस होर्डिंग व करछना तहसील के पास लगी होर्डिंग में एक समानता यह है कि प्रार्थी के तौर पर सिद्धंात यादव का नाम लिखा है। हालांकि होर्डिंग किसने लगवाई, इसका पता नहीं चल सका।