इस तरह करें पूजा- पाठ
1. सुबह एकभुक्त या नक्तव्रत रखें
2. भगवान विष्णु का लाल पुष्प सहित पूजन करें
3. कांस्य पात्र में अन्न, फल और वस्त्रादि का दान करें
4. घी, गुड़ और गेहूं के 33 पुए बनाकर दान करें
5. श्रीपुरुषोत्तम महात्म्य, विष्णु सहस्रनाम और पुरुष सूक्त का नियमित पाठ करें
इन कार्यों से करें परहेज
1. विवाह, यज्ञ, देव-प्रतिष्ठा
2. मुंडन, उपनयन
3. नवगृह प्रवेश, नवीन वस्त्र-आभूषण धारण
4. भूमि, वाहन, गाड़ी आदि की खरीद
5. कुंआ, तालाब, बाग आदि का खनन
ये कार्य किए जा सकते हैं
यदि कोई काम्य कर्म अधिक मास से पहले ही शुरू हो चुका हो तो उसे इस माह में पूरा किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त -
1. पितरों का श्राद्ध, मासिक श्राद्ध, तीर्थ श्राद्ध
2. अन्नप्राशन और जन्मदिन पूजन
3. ग्रहण संबंधी दान-जप
4. तीव्र रोग निवारण के लिए रुद्र पूजा आदि अनुष्ठान
5. नित्य पूजा,जप और दान