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पुराछात्रों ने साझा किए अनुभव, भावनाएं भी उमड़ी

Sun, 08 Nov 2015 01:35 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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इलाहाबाद (ब्यूरो)। मोतीलाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एमएनएनआईटी) परिसर में शनिवार का माहौल उत्साह बढ़ाने वाला तथा भावुकता लिए हुआ था। कोई 50 साल बाद अपने मित्र से मिल रहा था तो कई 25 वर्ष बाद। भावुकता भरे इस माहौल में ज्यादातर आंखें नम थीं तो मन युवा हो चुका था। मौका था संस्थान के पुराछात्र सम्मेलन का।
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दो दिनी सम्मेलन में देश-विदेश से तकरीबन 500 पुराछात्र शामिल हो रहे हैं। वर्षों बाद कालेजों के मित्रों को संग पाकर उनमें खासा उत्साह रहा। उन्होंने एक-दूसरे के साथ कालेज के दिनों की यादें ताजा कीं। उद्घाटन समारोह में शिक्षकों और अफसरों ने पुराछात्रों से संस्थान के विकास के लिए आगे आने की अपील की। पुराछात्राें ने भी हर संभव मदद का आश्वासन दिया। पूर्व राज्यपाल तथा कैबिनेट सचिव रहे प्रभात कुमार को बतौर मुख्य अतिथि सम्मेलन में शामिल होना था लेकिन रास्ते में उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई।

इसलिए उन्हें कानपुर में एक अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। हालांकि उनका संदेश पढ़ा गया। खास यह रहा कि पहले बैच का यह गोल्डेन जुबली वर्ष रहा। इस मौके पर उस बैच के छात्र-छात्राओं को विशेष तौर पर सम्मानित किया गया। इसके अलावा 1990 बैच के विद्यार्थियों के लिए सिल्वर जुबली समारोह आयोजित हुआ। 1965 में दाखिला लेने वाले विद्यार्थियों के लिए ‘दोस्ती के 50 साल’ कार्यक्रम आयोजित हुआ। पुराछात्र संघ जनरल बॉडी की बैठक में संस्थान की ओर से गांव तथा स्कूल लेने के प्रस्ताव पर सदस्यों में सहमति नहीं बन पाई।
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उन्होंने इसे लिए पूरा ब्योरा मांगा गया है। बैठक में नई कार्यकारिणी भी घोषित की गई। पुरनियों ने नए छात्र-छात्राओं के साथ बैठक कर अनुभव साझा किए। साथ ही भरोसा दिया कि प्रोफेशनल लाइफ में वे हर कदम पर उनके साथ हैं। पुराछात्रों ने कालेज, हॉस्टल के साथ शहर का भी भ्रमण किया। सांस्कृतिक संध्या में मुंबई की बैंड के धुनों पर पुरनिए तथा नए छात्र-छात्रा साथ-साथ झूमे। सम्मेलन में 1969 बैच के कुलबीर सिंह, 1979 के सुभाष चुक, 1990 बैच के अजय शंकर, मनोज कुमार आदि शामिल हुए।
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