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दवा बाजार से पल्स आक्सीमीटर, वेपोराइजर गायब 

Wed, 21 Apr 2021 01:16 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

संक्रमितों के तीमारदार लीड रोड ही नहीं शहर की अन्य दवा दुकानों पर इन वस्तुओं के लिए भटकते रहे। वहीं संक्रमण मुक्त हो चुके मरीजों ( पोस्ट कोविड) के इलाज की मुकम्मल व्यवस्था नहीं है। 
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फाइल फोटो - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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कोरोना संक्रमित मरीजों के इलाज के लिए निजी और सरकारी अस्पतालों में बेड नहीं हैं। दवा बाजार में जीवन रक्षक इंजेक्शन रेमडेसिविर, फेबी फ्लू, फूल गार्ड जैसी दवाएं नहीं हैं। यह नहीं बाजार में वेपोराइजर और पल्स ऑक्सीमीटर का स्टॉक समाप्त हो चुका है। सोमवार को संक्रमितों के तीमारदार लीड रोड ही नहीं शहर की अन्य दवा दुकानों पर इन वस्तुओं के लिए भटकते रहे। वहीं संक्रमण मुक्त हो चुके मरीजों ( पोस्ट कोविड) के इलाज की मुकम्मल व्यवस्था नहीं है। 

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पल्स ऑक्सीमीटर, वेपोराइजर का शनिवार से स्टॉक नहीं
लीडर रोड स्थित सर्जिकल गुड्स की थोक दुकानों पर शनिवार से पल्स ऑक्सीमीटर और वेपोराइजर का स्टॉक नहीं है। सोमवार को बाजार में तीन हजार पल्स ऑक्सीमीटर और दो हजार वेपोराइजर आए। दोपहर 12 बजे तक फुटकर दवा विक्रेताओं को बुकिंग के मुताबिक सामान भेजा गया। फिर फुटकर में एक-एक पल्स ऑक्सीमीटर और वेपोराइजर लेने वालों की भीड़ जुटी रही। थोक सर्जिकल गुड्स विक्रेता कृष्णा सर्जिकल के प्रोपराइटर नीरज पुरवार के मुताबिक अचानक बढ़ी मांग के मुताबिक आपूर्ति नहीं हो पा रही है। अगले तीन से चार दिन में आपूर्ति सामान्य हो जाएगी। उन्होंने बताया कि जरूरतमंदों को उचित मूल्य पर सही सामान मिले, इसके लिए दवा दुकानदार संकल्पबद्ध हैं।

प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
भटक रहे कोविड निगेटिव हुए मरीज
कोविड संक्रमण के बाद आरटीपीसीआर में निगेटिव हुए गंभीर मरीजों को इलाज नहीं मिल पा रहा है। एलथ्री एसआरएन अस्पताल पूरे तौर पर कोविड अस्पताल में तब्दील हो चुका है। अन्य सरकारी और निजी अस्पतालों में जगह नहीं हैं। पोस्ट कोविड मरीजों के तीमारदारों ने बताया कि पांच से छह दिन बाद जांच रिपोर्ट निगेटिव आ रही है, लेकिन सांस लेने में तकलीफ बनी रहती है। तीमारदारों का कहना है कि निगेटिव रिपोर्ट वाले गंभीर मरीजों को ऑक्सीजन की जरूरत अगले कुछ दिन होगी, यह सुविधा होम आइसोलेशन में नहीं मिल सकती। अस्पतालों में बेड नहीं ऐसे में लोग संक्रमणमुक्त हो चुके मरीजों को लेकर इलाज के लिए भटक रहे हैं। जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ ऋषि सहाय का कहना है कि संक्रमणमुक्त हो चुके गंभीर मरीजों के इलाज के लिए पोस्ट कोविड वार्ड बनाने की कोशिश की जा रही है। मरीजों को हर संभव सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। 
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Ambrane Pulse - फोटो : amarujala
रेमडेसिविर इंजेक्शन और फेबी फ्लू, फ्लू गार्ड टैबलेट
कोरोना संक्रमितों के उपचार में संजीवनी बूटी साबित हो रहे रेमडेसिविर इंजेक्शन और फेबी फ्लू, प्लू गार्ड जैसी दवाएं बाजार में नहीं हैं। मांग हजारों में है, लेकिन कंपनियों से आपूर्ति सौ से सवा सौ इंजेक्शन की हो रही है। ऐसे में गंभीर संक्रमितों के तीमारदार एक से दूसरी दुकान भटक रहे हैं। प्रयाग केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन (फुटकर) के अध्यक्ष राना चावला के मुताबिक इंजेक्शन और दवा की गोलियों का स्टॉक मंगलवार को आएगा। मरीजों के तीमारदारों को दिक्कत न हो इसके लिए प्रशासनिक अफसरों के साथ बैठक कर कुछ दुकानों को अधिकृत किया गया है। इंजेक्शन स्टाकिस्ट देंगे और गोलियां फुटकर दवा विक्रेता डॉक्टर के हस्ताक्षरयुक्त पर्चे और आधार को जमा कराकर उपलब्ध कराएंगे।

रेमडेसिविर इंजेक्शन मांग के मुताबिक नहीं मिल पा रहे हैं। गंभीर मरीजों के उपलब्ध प्रपत्रों के आधार पर अस्पतालों में भर्ती गंभीर मरीजों को इंजेक्शन दिए जा रहे हैं। दवा बाजार में रेमडेसिविर इंजेक्शन की आमद, स्टॉक और बिक्री की निगरानी की जा रही है। - गोविंद लाल गुप्ता, औषधि निरीक्षक
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