आयोग पर जारी रहेगा एलटी ग्रेड अभ्यर्थियों का धरना
केस डायरी पर सुनवाई के बाद बनेगी नए सिरे से रणनीति
प्रयागराज। एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों का 17 जनवरी से प्रस्तावित बेमियादी आमरण अनशन टाल दिया गया है। आयोग पर कई दिनों से शांतिपूर्ण तरीके से धरना दे रहे अभ्यर्थियों ने आमरण अनशन की तैयारी के लिए बृहस्पतिवार को टेंट आदि मंगवाया और पुलिस और जिला प्रशासन के अफसरों ने उन्हें टेंट नहीं लगाने दिया। छात्रों को चेतावनी दी गई कि आमरण अनशन किया तो धरने देने से भी रोक दिया जाएगा। प्रशासन की लाठी के आगे मजबूर छात्रों को 17 जनवरी से प्रस्तावित अपना आंदोलन वापस लेना पड़ा। हालांकि, रोज की तरह सुबह 11 से दोपहर तीन बजे तक धरना जारी रखने का निर्णय लिया गया।
एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती में पेपर आउट होने के मामले में लाखों अभ्यर्थियों का भविष्य दांव पर लगा है। आयोग ने अब तक जिन 13 विषयों के अभ्यर्थियों के अभिलेखों का सत्यापन कराया है, उनकी भी नियुक्ति अभी नहीं हुई है। वहीं, दो सबसे महत्वपूर्ण विषय हिंदी और सामाजिक विज्ञान विषय का अंतिम चयन परिणाम भी फंसा हुआ है। इसी को लेकर अभ्यर्थी आयोग में रोज चार से पांच घंटे धरना-प्रदर्शन और क्रमिक अनशन कर रहे हैं। आयोग के अध्यक्ष ने अभ्यर्थियों को आश्वासन दिया था कि हाईकोर्ट में केसर डायरी पर सुनवाई के बाद कोई उचित कदम उठाया जाएगा। हाईकोर्ट में 17 जनवरी को सुनवाई होनी है। अभ्यर्थियों का कहना है कि शुक्रवार को सुनवाई के बाद आंदोलन की अगली रणनीति बनाई जाएगी। धरना-प्रदर्शन एवं क्रमिक अनशन में पंकज अंगारा, विक्की खान, अनिल उपाध्याय, शेर सिंह, अपर्णा पांडेय आदि मौजूद रहे।
तीस सवाल कॉमन, पर रुके दो विषयों के रिजल्ट
- एलटी ग्रेड शिक्षकों के 10768 पदों पर भर्ती के लिए लिखित परीक्षा 29 जुलाई 2018 को आयोजित की गई थी। सभी 15 विषयों की परीक्षा एक साथ हुई थी। परीक्षा के दौरान हिंदी और सामाजिक विज्ञान विषय के पेपर आउट होने के आरोप लगे थे। सभी 15 विषयों की परीक्षा में सामान्य अध्ययन के 30-30 सवाल कॉमन थे। अगर दो विषयों के पेपर आउट हुए तो सवाल कॉमन होने पर आयोग ने किस आधार पर बाकी 13 विषयों का रिजल्ट जारी किया। अभ्यर्थियों का दावा है कि हिंदी और सामाजिक विज्ञान विषय के रिजल्ट को बेवजह उलझाया जा रहा है। एसटीएफ के पास पेपर आउट होने के कोई साक्ष्य नहीं हैं।
अभ्यर्थी यह दावा भी कर रहे हैं कि एसटीएफ ने जिन अभ्यर्थियों को पेपर आउट होने के आरोप में पकड़ा, उनमें हिंदी एवं सामाजिक विज्ञान के साथ गणित विषय का भी एक अभ्यर्थी शामिल था लेकिन आयोग ने गणित का रिजल्ट भी जारी कर दिया। ऐसे में हिंदी और सामाजिक विज्ञान का रिजल्ट किस आधार पर रोका गया है।