प्रयागराज। नागरिकता संशोधन बिल का विरोध तेज हो गया है। विपक्षी दलों के साथ सामाजिक संगठन भी इसके विरोध में आ गए हैं। अलग-अलग कार्यक्रमों में वक्ताओं ने इस बिल को एक वर्ग को डराने तथा देश को फिर से बांटने वाला बताया।
बुद्धिजीवियों एवं स्वयं सेवी संस्थाओं के प्रतिनिधियों की बालसन चौराहा स्थित पार्क में मंगलवार को हुई बैठक में नागरिकता संशोधन बिल को लेक र चिंता जताई गई। सपा नेता नरेंद्र सिंह का कहना था कि इस बिल से खासतौर पर मुसलमानों में भय है। इविवि के पूर्व छात्रसंघ उपाध्यक्ष डॉ.निर्भय सिंह पटेल ने रोजगार का मुद्दा उठाया। समाजसेवी अवधेश यादव, अनंत बहादुर यादव का कहना था कि महिलाओं पर अत्याचार बढ़ रहा है लेकिन सरकार इन मुद्दों से भटकाने के लिए नागरिकता संशोधन बिल ला रही है। पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष संजय तिवारी ने कहा कि जबसे भाजपा सरकार आई है जनता में त्राहि त्राहि मच गई है। सपा नेता दान बहादुर सिंह मधुर, सर्वसंतलाल वर्मा, संदीप यादव, विवेक सिंह, साबिहा मोहानी, निशा शुक्ला, दिनेश यादव आदि ने बिल का विरोध किया। सपा कार्यकर्ताओं ने बिल के विरोध में मजहबी टोपी और माथे पर तिलक लगा कर मार्च निकाला। सुभाष चौराहे पर जुटे कार्यकर्ताआें ने हाईकोर्ट स्थित डॉ.भीमराव आंबेडकर चौराहा तक मार्च निकाला। वे बांह पर काली पट्टी भी बांधे हुए थे। कार्यकर्ता हिंदू-मुस्लिम एकता से संबंधित नारे लगाते हुए चल रहे थे। उनके हाथ में तख्तियां भी थीं। उन्होंने बिल के विरोध में जनआंदोलन की बात कही। मार्च में इलाहाबाद विश्वविद्यालय का पूर्व छात्रसंघ उपाध्यक्ष अदील हमजा, निधि यादव, संदीप यादव, नेहा यादव, ननकऊ यादव, सै.मो.अस्करी, रवि यादव, अब्बास आदि शामिल रहे।