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कांफ्रेंस में बोले विशेषज्ञ: समय पर जांच कराने से पता चल सकता है प्रोस्टेट कैंसर, रोबोटिक सर्जरी है काफी कारगर

Mon, 11 Sep 2023 11:45 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

मोती लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज की ओर से ‘प्रोस्टाकॉन 2021‘ का आयोजन किया गया। स्वरूप रानी नेहरू (एसआरएन) चिकित्सालय की पीएमएसएसवाई बिल्डिंग में आयोजित कार्यक्रम में देशभर के 200 यूरोलॉजिस्ट ने हिस्सा लिया।
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एसआरएन में आयोजित कांफ्रेंस में मौजूद यूरोलाजिस्ट। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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पुरुषों में प्रोस्टेट की समस्या तेजी से बढ़ रही है। अगर 60 वर्ष की उम्र के बाद खून में पीएसए की जांच करा ली जाए तो समय रहते प्रोस्टेट कैंसर का इलाज किया जा सकता है। यह कहना है अपोलो हॉस्पिटल दिल्ली के यूरोलाॅजिस्ट डॉ. अंशुमान अग्रवाल का।

रविवार को मोती लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज की ओर से ‘प्रोस्टाकॉन 2021‘ का आयोजन किया गया। स्वरूप रानी नेहरू (एसआरएन) चिकित्सालय की पीएमएसएसवाई बिल्डिंग में आयोजित कार्यक्रम में देशभर के 200 यूरोलॉजिस्ट ने हिस्सा लिया। कई चिकित्सकों ने अपने अनुभव भी साझा किए। दिल्ली अपोलो के डॉ. अंशुमान अग्रवाल ने कहा कि भारत में प्रोस्टेट कैंसर के इलाज में रोबोटिक सर्जरी काफी कारगर है।

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आरएमएल हॉस्पिटल लखनऊ के डॉ. जैन इकबाल तंबोली ने कहा कि प्रोस्टेट में ओपेन व दूरबीन विधि से सर्जरी दोनों ही उपयोगी है। मगर यह प्रोस्टेट की स्थित पर निर्भर करता है। प्रोस्टेट बड़ा है तो ओपेन सर्जरी और छोटा है तो दूरबीन विधि कारगर है। एक यूरोलॉजिस्ट को सर्जरी के दौरान हर परिस्थिति का सामना करने के लिए तैयार रहना चाहिए।

आरएमएल हॉस्पिटल के ही डॉ. दिनेश राहण ने बताया कि ऑपरेशन करते समय कई बार इस प्रकार की स्थित उत्पन्न होती है कि सर्जन को ओपेन पद्धति का इस्तेमाल करना पड़ता है। ऐसे में अगर जानकारी का अभाव हो तो परेशानी खड़ी हो जाती है। इन्हीं सब समस्याओं को दूर करने के लिए आज यहां हम सभी इकट्ठा हुए है।

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कार्यक्रम में हुई चार लेजर सर्जरी

‘प्रोस्टाकॉन 2023’ में दो ओपेन, तीन दूरबीन व चार लेजर विधि से सर्जरी का सजीव प्रसारण किया गया। वहीं रोबोटिक सर्जरी का सजीव नहीं, बल्कि एक ऑपरेशन की रिकार्डिंग दिखाई गई।


40 प्रतिशत मरीजों को पड़ती है आपरेशन की जरूरत

आगरा के जाने माने यूरोलॉजिस्ट प्रो. मधुसूदन अग्रवाल ने बताया कि प्रोस्टेट के मरीज को जैसे पेशाब बार-बार लगना, रात में ज्यादा पेशाब आना, खुलकर पेशाब न होना, पेशाब की धार पतली होना आदि दिक्कतें आने लगी लगती हैं। इसके लिए 40 प्रतिशत मरीजों को ऑपरेशन करने की आवश्यकता होती है। इसमें रोबोटिक सर्जरी भी काफी कारगर है। यह एक नई विधा है। लेजर पद्धति से आपरेशन किय़ा जाता है। 
 

अधिकतर लोग एक उम्र के बाद प्रोस्टेट में होने वाली समस्या से अनभिज्ञ हैं। इसका कारण जागरूकता का अभाव है। ऐसे में लोगों को चाहिए कि 60 की उम्र के बाद समय-समय पर जांच करवाते रहें और प्रोस्टेट होने पर जल्द-जल्द सर्जरी करा लें। - डॉ. दिलीप चौरसिया, यूरोलॉजिस्ट, स्वरूप रानी नेहरू चिकित्सालय, प्रयागराज।

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