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अभियोजन की दलील : संपत्ति जब्त कराने के शक में माफिया भाइयों ने कराया था मंत्री नंदी पर हमला

Wed, 19 Mar 2025 12:36 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी पर डेढ़ दशक पहले हुए कातिलाना हमले को लेकर अभियोजन ने दावा किया कि बसपा सरकार में संपत्तियां जब्त होने पर दिलीप मिश्रा व महेंद्र मिश्रा ने उन्हें निशाना बनाया था। शक था कि मंत्री के इशारे पर यह कार्रवाई हो रही है।
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नंद गोपाल गुप्ता नंदी, कैबिनेट मंत्री उत्तर प्रदेश। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी पर डेढ़ दशक पहले हुए कातिलाना हमले को लेकर अभियोजन ने दावा किया कि बसपा सरकार में संपत्तियां जब्त होने पर दिलीप मिश्रा व महेंद्र मिश्रा ने उन्हें निशाना बनाया था। शक था कि मंत्री के इशारे पर यह कार्रवाई हो रही है। बुधवार से बचाव पक्ष के अधिवक्ता दलीलें पेश करेंगे।

जिला अदालत की एमपी-एमएलए कोर्ट के विशेष न्यायाधीश डॉ दिनेश चंद्र शुक्ला की अदालत में अभियाेजन की ओर से पेश डीजीसी (क्रिमिनल) सुशील वैश्य ने मंगलवार को अंतिम दौर की बहस पूरी की। अभियोजन के 84 में से 81 की गवाही हो चुकी है।

अभियोजन ने दावा किया कि माफिया दिलीप मिश्रा व महेंद्र मिश्रा ने 2006 में ननकू बनिया के घर शादी समारोह में पहुंचे मंत्री नंदी से जमकर बदसलूकी की थी। धक्का-मुक्की और दबंगई इतनी बढ़ गई थी कि मंत्री ने सपरिवार नाले में छिपकर जान बचाई थी।

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उस वक्त नंदी बसपा सरकार में मंत्री थे। इस बीच माफिया की संपत्तियां जब्त की जाने लगीं। इन्हें लगा कि यह सब मंत्री के इशारे पर हो रहा है। इसी के बाद मंत्री को ठिकाने लगाने की साजिश रची गई। हमले से पहले ही दोनों भाई जेल चले गए।

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जबलपुर से खरीदी गई थी हमले में प्रयुक्त स्कूटी

बम रखने में प्रयुक्त स्कूटी रफीक, सुभाष व जयशंकर के जरिये मध्य प्रदेश के जबलपुर निवासी पैंडवार से 3000 रुपये में खरीदी गई थी। राजेश पायलट के नाम से मशहूर सुपारी किलर का असली नाम आनंद शाडिल्य था। साजिशन उसे महाराज, राजू व शुक्ला जी भी कहते थे।

यही नहीं, शुक्ला जी के नाम से उसे नंदी के घर के पास ही किराये का कमरा दिलाया गया था। मिर्जापुर के सुभाष जायसवाल के साथ वह मध्य प्रदेश के एक मंदिर में महाराज के नाम से ठहरा था।

हमले से पहले अन्य मामलों में फरार चल रहे भदोही के विधायक विजय मिश्रा व दिलीप मिश्रा महाराष्ट्र में रुके थे। विजय मिश्रा के कर्नल दामाद की नौकरानी के सिम से वह दोनों राजेश पायलट से बात करते थे। अभियोजन ने कोर्ट में आरोपियों का आपराधिक चिट्ठा भी पेश किया।

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