इसी कंपनी के नाम से प्रयागराज में एक संपत्ति खरीदने में निवेश किया था। वहीं मध्य प्रदेश के रीवा में चंदन तिवारी के नाम से संपत्ति खरीदी थी। जिसका भुगतान विजय मिश्रा के बेटे विष्णु मिश्रा ने अपराध की आय से किया था। बता दें कि विजय मिश्रा के खिलाफ अपहरण, हत्या, लूट, धोखाधड़ी, जालसाजी, आपराधिक साजिश रचने आदि के करीब 83 मुकदमे दर्ज रहे हैं, जिसमें से दो में उसे सजा भी हो चुकी है।
नंदी पर हमले के बाद सुर्खियों में आया नाम
प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता उर्फ नंदी पर वर्ष 2010 में बम से हमला करने के बाद विजय मिश्रा का नाम सुर्खियों में आया था। वहीं उसके खिलाफ वर्ष 1982 में पहला मुकदमा प्रयागराज के हंडिया थाने में ही दर्ज हुआ था। नंदी पर हमले के लिए छोटा राजन के शूटर राजेश पायलट की मदद ली गई थी। इसके बाद विजय मिश्रा का प्रभुत्व भदोही समेत पूर्वांचल के कई जिलों में हो गया और बाकी माफिया भी उससे अदावत लेने से बचने लगे।