प्रयागराज। जिले की आधा दर्जन सड़कों को राष्ट्रीय राजमार्ग के रूप में घोषित किया जा सकता है। इसके लिए कार्ययोजना तैयार की जा रही है। फिलहाल राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने ऐसी चुनिंदा सड़कों की सूची केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय को भेज दी है। प्रस्तावित सड़कों को राजपथ के रूप में निर्माण कराने में पांच सौ करोड़ रुपये से अधिक खर्च आने का अनुमान है।
यमुनापार इलाके की लाखों की आबादी को आने वाले समय में पथरीली और उखड़ी हुई सड़कों से मुक्ति मिल जाएगी। इस इलाके की आधा दर्जन सड़कों को राजमार्ग के तौर पर विकसित करने के सांसद डॉ रीता बहुगुणा जोशी के प्रस्ताव पर राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण सक्रिय हो गया है। सांसद ने इसके लिए केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से बात भी की है।
केंद्रीय मंत्री गडकरी को भेजे पत्र में सांसद रीता बहुगुणा ने कहा है कि प्रयागराज का यमुनापार इलाका मध्यप्रदेश सीमा से जुड़ा है। सड़कें खराब होने से पथरीले रास्तों पर आवागमन में तो लोगों को दिक्कतें होती ही हैं, नए उद्योगों को भी इस इलाके में बढ़ावा नहीं मिल पा रहा है। इसके लिए उन्होंने एनएच-07 से जुड़े 59 किमी लंबे कौंदी-प्रतापपुर मार्ग, एनएच-30 तक 46 किमी लंबे बसहरा से लालतारा -पालपट्टी- डिहवा मार्ग और 35 किमी लंबे हनुमानपुर से सेहरा होते हुए सड़वा तक की सड़क को राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित करने की बात प्रमुखता से उठाई है। सांसद ने मंत्री को भेजे पत्र में कहा है कि राजमार्ग घोषित होने पर इन सड़कों के किनारे नए रोजगार के अवसर विकसित हो सकेंगे। साथ ही आवागमन भी सुगम हो जाएगी। सांसद के इस प्रस्ताव पर राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने सूची तैयार कर केंद्र को भेजी है। फिलहाल आधा दर्जन सड़कों को राजमार्ग घोषित करने की तैयारी है। कहा जा रहा है कि केंद्र की स्वीकृति मिलने के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग के तहत इन सड़कों का निर्माण और रखरखाव हो सकेगा।
गंगा पर लटकहा-मदरा-मुकुंदपुर में अस्थाई पुल निर्माण के लिए पहल
यमुनापार इलाके को लोगों के सुगम यातायात के लिए गंगा पर तीन जगह अस्थाई पुल बनाने के लिए पहल तेज कर दी गई है। सांसद रीता बहुगुणा के बाद अब कांग्रेसियों ने भी इसके लिए मुहिम छेड़ दी है। युवक कांग्रेस के प्रदेश महासचिव जितेंद्र तिवारी ने पीडब्ल्यूडी के अधीक्षण अभियंता को ज्ञापन देकर लटकहा, मदरा-मुकुंदपुर समेत तीन स्थानों पर अस्थाई पुल बनाने मांग की है।