इलाहाबाद विश्वविद्यालय में शिक्षकों की भर्ती 200 प्वाइंट रोस्टर के आधार पर की जाएगी। इविवि कार्य परिषद की बुधवार को हुई बैठक में केंद्रीय कैबिनेट के 200 प्वाइंट रोस्टर के अध्यादेश पर चर्चा के बाद स्वीकृति प्रदान कर दी गई। केंद्र सरकार ने मार्च में इविवि में शिक्षक भर्ती के लिए 200 प्वाइंट रोस्टर पर अध्यादेश जारी किया था। कार्य परिषद की बैठक में इसकी मंजूरी के बाद अब इविवि में खाली 500 से अधिक शिक्षकों के पदों पर भर्ती का रास्ता साफ हो गया है।
इलाहाबाद विश्वविद्यालय शिक्षक भर्ती में केंद्र सरकार की ओर से हाल में लागू आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग के आरक्षण का भी ध्यान रखा जाएगा। कार्य परिषद की बैठक में निर्णय लिया गया कि साक्षात्कार में एक पद के सापेक्ष 10 अभ्यर्थियों को बुलाया जाएगा। तय किया गया कि जुलाई 2018 में यूजीसी की ओर से असिस्टेंट प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर और प्रोफेसर की स्क्रीनिंग प्रक्रिया का पालन किया जाएगा। यूजीसी के 2018 के नियमों का पालन किया जाएगा। इविवि की ओर से 15 अप्रैल 2019 को शिक्षक भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू होगी। आवेदन की अंतिम तिथि 15 मई होगी।
यौन उत्पीडन के आरोपी शिक्षक डॉ. सूर्य नारायण निलंबित
इलाहाबाद विश्वविद्यालय कार्य परिषद की बुधवार को हुई बैठक में हिंदी विभाग के शिक्षक डॉ. सूर्य नारायण को यौन उत्पीड़न के आरोप में निलंबित कर दिया। कार्य परिषद ने डॉ. सूर्य नारायण के खिलाफ चल रही जांच की धीमी प्रक्रिया पर नाराजगी जाहिर करते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का प्रस्ताव पास किया। इविवि के रजिस्ट्रार प्रो. एनके शुक्ला ने बताया कि निलंबन की अवधि में डॉ. सूर्य नारायण डीन कला संकाय के कार्यालय से संबद्ध रहेंगे।
इलाहाबाद विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग के वरिष्ठ शिक्षक डॉ. सूर्य नारायण के खिलाफ विभाग की ही एक अतिथि प्रवक्ता ने दो वर्ष पूर्व यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था। इसके बाद कुलपति ने मामले में जांच कमेटी गठित की थी। कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर ही इस मामले की आगे जांच कराने का निर्णय लिया गया। इसी बीच आरोप लगाने वाली पूर्व अतिथि प्रवक्ता ने डॉ. सूर्य नारायण के खिलाफ कर्नलगंज थाने में प्राथमिकी दर्ज करवा दी, प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पुलिस की ओर से जांच पूरी करके मामले में आरोप पत्र दाखिल कर दिया गया है। इविवि की ओर से गठित जांच कमेटी की ओर से कोई प्रगति नहीं होने पर उन्हें निलंबित करने का फैसला किया गया।
कैश के तहत प्रमोशन पाने वालों का खुला लिफाफा
कार्य परिषद की बैठक में कैश के तहत प्रमोशन पाने वाले शिक्षकों के लिफाफे खोले गए। इसमें भूगोल विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अनुपम पांडेय को प्रोफेसर एवं भूगोल विभाग के ही असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अश्वजीत चौधरी को एसोसिएट प्रोफेसर तथा दृश्य कला विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अभिनव गुप्त को एसोसिएट प्रोफेसर बनाने की संस्तुति प्रदान की गई।
गेस्ट फैकल्टी को 50 हजार मानदेय को मंजूरी
प्रयागराज। इलाहाबाद विश्वविद्यालय में अब गेस्ट फैकल्टी को 50 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय मिलेगा। इस संबंध में विवि कार्य परिषद की ओर से आठ मार्च को हुई बैठक में मानदेय बढ़ाने का प्रस्ताव पास हुआ था। कार्य परिषद ने गेस्ट फैकल्टी को 1500 रुपये प्रति लेक्चर और 50 हजार रुपये प्रतिमाह दिए जाने का प्रस्ताव पास किया था। रजिस्ट्रार प्रो. एनके शुक्ल ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है।