शहर के सबसे पॉश इलाके सिविल लाइंस में झूंसी निवासी प्रॉपर्टी डीलर की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई। पुलिस चौकी से महज 500 मीटर की दूरी पर वारदात को अंजाम देकर बाइक सवार दो बदमाश आराम से भाग निकले। हमलावर कौन थे, इसका पता नहीं चल सका है। पुलिस अज्ञात में मुकदमा दर्ज कर जांच में जुटी है।
विद्यासागर यादव पुत्र राजनाथ यादव झूंसी के शेरडीह गांव का रहने वाला था। वह पांच भाइयों में तीसरे नंबर पर था और झूंसी में ही प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करता था। पुलिस के मुताबिक, सोमवार दोपहर 12 बजे के करीब वह शेरडीह निवासी ड्राइवर अमरजीत यादव के साथ घर से स्कॉर्पियो पर सवार होकर निकला। एक बजे के करीब विद्यासागर सिविल लाइंस में बिहारी भवन स्थित पूजा इंटरप्राइजेज पर गाड़ी की रिपेयरिंग कराने पहुंचा। मेकैनिक सड़क पर ही रिपयेरिंग करने लगा। उधर, विद्यासागर वहीं दुकान पर पहुंच गया और लगभग 1.30 बजे के करीब बंपर खरीदकर वापस गाड़ी के पास आने लगा। इसी दौरान बाइक से दो युवक आए और पीछे बैठे युवक ने विद्यासागर को निशाना बनाकर फायरिंग शुरू कर दी। उसने एक के बाद एक चार गोलियां दागीं जिनमें से दो प्रॉपर्टी डीलर के पेट व कमर के पास लगीं। विद्यासागर लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़ा। तब तक दोनों हमलावर भाग निकले। घायल प्रॉपर्टी डीलर को स्कॉर्पियो में लादकर उसका ड्राइवर एसआरएन अस्पताल पहुंचा, जहां उसकी हालत नाजुक बनी हुई थी। तब तक खबर पाकर परिजन भी पहुंच गए। जानकारी पर एसएसपी और कुछ देर बाद आईजी अस्पताल पहुंचे और परिजनों से पूछताछ की। उधर घायल विद्यासागर की हालत बिगड़ती ही जा रही थी और शाम को उसकी मौत हो गई। पुलिस ने परिजनों की तहरीर पर अज्ञात में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
प्रॉपर्टी के विवाद पर नजर, दर्ज था मुकदमा
पुलिस का कहना है कि पिता और भाइयों का यही कहना है कि मृतक का किसी से कोई विवाद नहीं था। पता चला है कि वह लंबे समय से प्रॉपर्टी का काम कर रहा था। एक आशंका यह है कि प्रॉपर्टी के ही विवाद में यह वारदात की गई हो। उसकी मोबाइल की कॉल डिटेल निकलवाई जा रही है। प्रारंभिक जांच में यह भी पता चला है कि मृतक पर झूंसी थाने में अमानत में ख्यानत का एक केस दर्ज था, जिसमें चार्जशीट भी दाखिल हो गई थी। सभी बिंदुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है।
परिवारवाले किसी विवाद की बात से इंकार कर रहे हैं। जांच पड़ताल की जा रही है। मामले में क्राइम ब्रांच को भी लगाया गया है। पुलिस प्रॉपर्टी समेत अन्य बिंदुओं को ध्यान में रखकर जांच में जुटी है।
- नितिन तिवारी, एसएसपी