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सीएमओ संत कबीर नगर के खिलाफ फर्जी कोविड सर्टिफिकेट बनाने के मुकदमे पर रोक

Thu, 13 May 2021 11:48 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

  • मुकदमा दर्ज करने वाले न्यायिक अधिकारी की हाईकोर्ट ने की निंदा
  • अन्य आरोपियों के खिलाफ भी उत्पीड़नात्मक कार्रवाई पर रोक
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इलाहाबाद हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने संत कबीर नगर के मुख्य चिकित्सा अधिकारी के खिलाफ फर्जी कोविड सर्टिफिकेट बनाने के आरोप में आपराधिक षडयंत्र और धोखाधड़ी आदि धाराओं में दर्ज मुकदमे की कार्यवाही पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने सीएमओ डा. हरगोविंद सिंह की गिरफ्तारी और उनके खिलाफ किसी प्रकार की उत्पीड़नात्मक कार्रवाई करने पर भी रोक लगा दी है। कोर्ट ने सीएमओ के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने वाले न्यायिक अधिकारी की भी निंदा करते हुए गंभीर टिप्पणी की है। 
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डा. हर गोविंद की याचिका पर न्यायमूर्ति के जे ठाकर और न्यायमूर्ति अजीत सिंह की पीठ ने सुनवाई की। सीएमओ के खिलाफ कोतवाली खलीलाबाद थाने में 26 दिसंबर 2020 को मुकदमा दर्ज कराया गया। याची का कहना है कि उसने आरोपी एमएलए के कोविड पॉजिटिव होने की रिपोर्ट दी थी जो प्रदेश सरकार की वेबसाइट पर उपलब्ध है।

न्यायिक अधिकारी ने इसकी जांच किए बिना याची के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने का आदेश दे दिया जबकि याची मौजूदा समय में अपने जिले में टीकाकरण अभियान चला रहा है। कोर्ट ने इस पर नाराजगी जताते हुए कहा कि हाईकोर्ट ने पहले ही राजिस्ट्रार जनरल के माध्यम से सभी न्यायिक अधिकारियों को निर्देश दिया है कि महामारी के मौजूदा दौर में किसी को भी समन जारी कर तलब न किया जाए। इसके बावजूद न्यायिक अधिकारी ने न सिर्फ आरोपी एमएलए को समन जारी किया बल्कि जब उसने कोविड पॉजिटिव होने का सर्टिफिकेट दिखाया तो बिना की किसी ठोस आधार के उसे फर्जी मानते हुए मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया। 
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कोर्ट ने सीएमओ के खिलाफ दर्ज मुकदमे की कार्यवाही व विवेचना पर रोक लगाते हुए गिरफ्तारी नहीं करने का निर्देश दिया है। साथ ही मुकदमे में दर्ज अन्य अभियुक्तों के खिलाफ भी उत्पीड़नात्मक कार्रवाई पर रोक लगा दी है। प्रदेश सरकार को याचिका पर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। याचिका की अगली सुनवाई एक जुलाई को होगी।
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