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Prayagraj : यति नरसिंहानंद के भड़काऊ बयान वायरल करने के आरोपी जुबैर की गिरफ्तारी पर रोक बढ़ी

Mon, 06 Jan 2025 08:00 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

यह आदेश न्यायमूर्ति सिद्धार्थ वर्मा और न्यायमूर्ति योगेंद्र कुमार श्रीवास्तव की खंडपीठ ने जुबैर की ओर से एफआईआर को चुनौती देने वाली याचिका पर दिया है। मामला गाजियाबाद का है। जुबैर पर यति नरसिंहानंद सरस्वती ट्रस्ट की महासचिव उदिता त्यागी ने मुकदमा दर्ज कराया है।

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महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी जी महाराज - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने महामंडलेश्वर स्वामी यति नरसिंहानंद के भड़काऊ बयान को सोशल मीडिया पर वायरल करने के आरोपी पत्रकार मोहम्मद जुबैर की गिरफ्तारी पर रोक 16 जनवरी तक बढ़ा दी है। कोर्ट ने जुबैर को सरकार की ओर से दाखिल जवाबी हलफनामे का जबाव देने के लिए दस दिन की मोहलत भी दी है।

यह आदेश न्यायमूर्ति सिद्धार्थ वर्मा और न्यायमूर्ति योगेंद्र कुमार श्रीवास्तव की खंडपीठ ने जुबैर की ओर से एफआईआर को चुनौती देने वाली याचिका पर दिया है। मामला गाजियाबाद का है। जुबैर पर यति नरसिंहानंद सरस्वती ट्रस्ट की महासचिव उदिता त्यागी ने मुकदमा दर्ज कराया है।

आरोप लगाया कि मुस्लिम समुदाय को भड़काने के लिए जुबैर ने तीन अक्तूबर को डासना देवी मंदिर के पुजारी यति नरसिंहानंद का पैगंबर मोहम्मद के बारे में कथित पुराना भड़काऊ बयान सोशल मीडिया पर वायरल कर पुलिस को भी टैग किया था। पूछा था कि यति के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई।

उदिता त्यागी ने जुबैर पर डासना देवी मंदिर में यति नरसिंहानंद के खिलाफ हिंसक विरोध-प्रदर्शन का भी आरोप लगाया गया है। इससे पहले बहस के दौरान याची के अधिवक्ता ने जुबैर और उदिता त्यागी के बीच ऑनलाइन चैटिंग का हवाला दिया। कहा कि यह आपराधिक कार्यवाही यति नरसिंहानंद के समर्थकों का पब्लिसिटी स्टंट है। जुबैर पत्रकार है, उसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता है।

वहीं, सरकार की ओर से पेश अधिवक्ताओं ने कहा कि जुबैर के खिलाफ पहले भी आपत्तिजनक और भड़काऊ पोस्ट वायरल करने के कई मामले दर्ज हैं। उसकी एक्स पोस्ट का मकसद न सिर्फ यति नरसिंहानंद के खिलाफ हिंसा भड़काना था, बल्कि अलगाववादी को भी बढ़ावा देना भी था। उसकी पोस्ट ने भारत की संप्रभुता और अखंडता को नुकसान पहुंचाया है। कोट ने जुबैर की गिरफ्तारी पर रोक लगा सरकार से जवाबी हलफनामा तलब किया था।

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