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इलाहाबाद विश्वविद्यालय के डीन आर्ट्स बने प्रो. आरके सिंह

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professor rk singh became dean art of allahabad university
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आखिरकार डेढ़ महीने तक हुई माथापच्ची के बाद इलाहाबाद विश्वविद्यालय में डीन आर्ट्र्स के पद पर नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी कर ली गई। अंग्रेजी विभाग के प्रो. आरके सिंह को डीन आर्ट्र्स बनाया गया है। हालांकि इससे पहले उन्हें अपनी वरिष्ठता साबित करनी पड़ी और इसके बाद उन्हें यह जिम्मेदारी मिली।
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इससे पूर्व इविवि में डीन आर्ट्र्स का पद प्रो. रंजना बाजपेयी संभाल रहीं थीं। उनका कार्यकाल तीन अप्रैल को पूरा हो गया था और तब से यह पद खाली था। वरिष्ठता के विवाद के कारण इस पद किसी की नियुक्ति नहीं हो पा रही थी। विवाद को निपटाने के लिए कुलपति प्रो. आरआर तिवारी ने पद के दावेदारों से उनकी वरिष्ठता का प्रमाण मांग लिया। प्रमुख रूप से तीन शिक्षकों के बीच वरिष्ठता को लेकर पेच फंसा हुआ था, जिनमें मध्यकालीन एवं आधुनिक इतिहास विभाग के प्रो. हेरंब चतुर्वेदी, अंग्रेजी विभाग के प्रो. आरके सिंह और मनोविज्ञान विभाग की प्रो. नमिता पांडेय का नाम शामिल है।
इन तीनों के बीच तय नहीं हो पा रहा था कि कौन सबसे ज्यादा वरिष्ठ है और इसी वजह से तीनों शिक्षकों से उनकी वरिष्ठता से संबंधित प्रमाण मांगा गया था। शिक्षकों की ओर से उपलब्ध कराए प्रमाण के आधार पर कुलपति प्रो. आरआर वितारी ने अंग्रेजी विभाग के प्रो. आरके सिंह को डीन आर्ट्स के पद पर नियुक्ति किए जाने का निर्णय लिया। रजिस्ट्रार प्रो. एनके शुक्ला ने कुलपति के निर्देश पर प्रो. आरके सिंह की डीन आर्ट्र्स के पद पर नियुक्ति संबंधी दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। इस पद पर उनकी नियुक्ति तीन साल तक या रिटायरमेंट तक, दोनों में जो पहले पूरा होगा, तब तक के लिए की गई है।
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प्रो. संजय बने मध्यकालीन इतिहास के विभागाध्यक्ष
इलाहाबाद विश्वविद्यालय में मध्यकालीन एवं आधुनिक इतिहास विभाग के नए विभागाध्यक्ष की नियुक्ति कर दी गई है। यह जिम्मेदारी प्रो. संजय श्रीवास्तव को सौंपी गई है। इससे पहले प्रो. योगेश्वर तिवारी विभागाध्यक्ष थे, जिनका कार्यकाल जनवरी में ही पूरा हो गया था। विभागाध्यक्ष की नियुक्ति में भी वरिष्ठता का पेच फंस गया था, सो प्रो. तिवारी ने अपना चार्ज डीन आट्र्स को सौंप दिया था। वरिष्ठता का विवाद दूर होने के बाद कुलपति के निर्देश पर प्रो. संजय श्रीवास्तव को विभागाध्यक्ष नियुक्त किया गया है।
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