इलाहाबाद विश्वविद्यालय के रक्षा अध्ययन विभाग के प्रोफेसर डॉ. संजीव भदौरिया ने बुधवार की सुबह फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। उनका शव छत पर बाथरूम में लटका मिला।
प्रो. भदौरिया प्रोस्टेट संबंधित बीमारी से परेशान थे, यह बात उन्होंने सुसाइड नोट में लिखी है। घटना की सूचना मिलते ही विश्वविद्यालय के तमाम प्रशासनिक अधिकारियों समेत अध्यापक आदि घर पहुंचे और संवेदना व्यक्त की।
रक्षा अध्ययन विभाग के प्रोफेसर संजीव भदौरिया (51) पत्नी नीता के साथ चंद्रलोक के पीछे डी रोड पर रहते थे। वह पिछले कुछ समय से प्रोस्टेट संबंधी बीमारी से जूझ रहे थे। बुधवार की सुबह उन्होंने पत्नी नीता से कहा कि वह ब्लड टेस्ट कराने जा रहे हैं।
इसके बाद वह निकल गए। वह बाहर न जाकर छत पर पहुंच गए। वहां एक कमरा और बाथरूम बना हुआ है। बाथरूम में लोहे के एंगल में रस्सी फंसाकर उन्होंने आत्महत्या कर ली। जब दो घंटे तक वह नहीं आए तो नीता ने मोबाइल पर फोन किया। कोई रिस्पांस न देखकर उन्होंने नौकरानी को नीचे गाड़ी देखने भेजा। गाड़ी खड़ी हुई थी।
नीता उन्हें ढूंढती हुई छत पर पहुंचीं। वहां बाथरूम में प्रोफेसर भदौरिया का शव लटका देख वह चीखने लगीं। तुरंत संजीव के बड़े भाई राजीव को दिल्ली में फोन कर सूचना दी गई। रक्षा अध्ययन डिपार्टमेंट के अन्य अध्यापकों को बताया गया।
पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। शव को नीचे उतारा गया। बगल के कमरे में उनका मोबाइल, पर्स और सुसाइड नोट पड़ा हुआ था। सुसाइड नोट में उन्होंने जिक्र किया कि वह प्रोस्टेट की बीमारी से बहुत परेशान थे। इसी कारण स्वेच्छा से खुदकुशी कर रहे हैं। इसमें किसी का कोई दोष नहीं है। किसी को परेशान न किया जाय।
सूचना मिलते ही विश्वविद्यालय के चीफ प्राक्टर राम सेवक दुबे समेत तमाम प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए। उनके विभाग से भी सभी अध्यापक पहुंचे। घर में सांत्वना व्यक्त करने वालों का दिन भर तांता लगा रहा। उनके बड़े भाई राजीव भदौरिया शाम को दिल्ली से यहां पहुंच गए थे। विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने डीएम से आग्रह कर उनके शव का रात में पोस्टमार्टम कराया।