Professor Bhadauriya Suicide case
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प्रोफेसर के बड़े भाई बोले, संजीव की ही रायटिंग है
प्रयागराज। इलाहाबाद विश्वविद्यालय के रक्षा अध्ययन विभाग के प्रो. संजीव भदौरिया के बड़े भाई राजीव भदौरिया बुधवार शाम दिल्ली से प्रयागराज पहुंचे। सुसाइड नोट देखते ही फफक बड़े, बताया कि यह संजीव की हैंडराइटिंग है। राजीव भदौरिया दिल्ली में एक नामी कंपनी में बड़े पद पर कार्यरत हैं। सुबह जानकारी मिलते ही वह प्लेन से यहां पहुंचे थे।
राजीव भदौरिया ने पुलिस को बताया कि संजीव प्रोस्टेट से संबंधित बीमारी से जूझ रहे थे लेकिन उन्हें आशंका थी कि उन्हें एक और बड़ी बीमारी है। इस आशंका के मद्देनजर कई जांचें हो चुकी थी। संजीव अक्सर बीमारी के बारे में बात करते थे। उनके मन में यह बात घर कर गई थी कि जिस बीमारी से पिता जी की मौत हुई, कहीं वही बीमारी उन्हें न हो गई हो। राजीव उन्हें फोन पर समझाते कि सब कुछ ठीक हो जाएगा। वह परेशान न हों लेकिन धीरे धीरे वह डिप्रेशन का शिकार हो गए। वह डिप्रेशन की भी दवा खा रहे थे। आने वाले पांच अक्टूबर को राजीव प्रयागराज आने वाले थे। उन्हें संजीव की एमआरआई समेत कई और टेस्ट कराने थे। भाई की बात करते करते बार बार उनकी आंखें नम हो जा रही थीं। पत्नी नीता के तो आंसू नहीं रुक रहे थे। उन्हें सांत्वना के लिए फोन आता तो वह रोने लगतीं। उनका कहना था कि उन्हें सपने में भी अंदाजा नहीं था कि संजीव ऐसा कदम उठा लेंगे। शाम तक तमाम रिश्तेदार और दोस्त भी उनके घर पहुंच गए थे। रक्षा अध्ययन विभाग के अध्यापकों के साथ साथ दिन में बड़ी संख्या में प्रो. भदौरिया के छात्र भी घर पहुंचे थे।