प्रयागराज। मोहर्रम की तीन तारीख को दरियाबाद में कदम रसूल से अलम (झंडा स्वरूप), ताबूत (ताजिया) और जुलजनाह (इमाम हुसैन का घोड़ा) का जुलूस निकाला गया, जो इमामबाड़ा हुसैन अली खान पर जाकर संपन्न हुआ। इस दाैरान रास्ते भर हजरत इमाम हुसैन की सदाएं गूंजती रहीं।
अन्जुमन हाशिमया दरियाबाद के नौहाख्वान जिया अब्बास अर्शी, यासिर सिबतैन के साथ अन्य लोग गमगीन नौहा पढ़ते हुए जुलूस में शामिल रहे। जुलूस के इमामबाड़ा हैदर हुसैन बड़ा घर सैय्यदवाड़ा पहुंचने पर हुई मजलिस को मौलाना सज्जाद हैदर ने खिताब किया। इस माैके पर मौलाना जावेद, हसन नकवी, मशहद अली खां, पार्षद फसाहत हुसैन, सैय्यद मोहम्मद अस्करी आदि शामिल रहे।