डीएपी के बाद अब किसानों को यूरिया खाद की किल्लत उत्पन्न हो गई है। सहकारी समितियाें में यूरिया खाद की कमी का फायदा कारोबारी उठा रहे हैं। किसानों को यूरिया खाद लेने के लिए अधिक कीमत चुकानी पड़ रही है। विकासखंड कौड़िहार और शृंग्वेरपुर की 14 सहकारी समितियों में किसानों को यूरिया नहीं मिल रही है।
बुधवार को सहकारी समिति बुदौना में यूरिया खाद वितरण के पहले किसानों की सुबह से लंबी कतार लग गई। किसानों का आरोप है कि सहकारी समिति में खाद 266 रुपये में मिल रही है। लेकिन, निजी दुकानों पर इसके लिए 400 से 420 रुपये देने पड़ रहे हैं। किसान करन पटेल, नवनीत कुमार, पारस पटेल व गोलक पटेल ने बताया कि बाजारों में यूरिया खाद की कालाबाजारी की जा रही है। अधिक कीमत में इफको ब्रांड के बजाय अन्य ब्रांड की यूरिया खाद दी जा रही है।
बोले अफसर
- यूरिया खाद की उपलब्धता के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं। समितियों में सचिव की कमी से भी खाद वितरण में दिक्कत आ रही है। फिर भी रोस्टर के मुताबिक किसानों को खाद दी जा रही है। -धीरज कुमार यादव, एडीओ सहकारिता, कौड़िहार