अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ के करीबियों से जुड़ी बताई जा रही कथित बेनामी संपत्तियों की जांच अब पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम करेगी। पुलिस आयुक्त के निर्देश पर मौजा शाह उर्फ पीपलगांव और दानूपुर में अनुसूचित जाति के लोगों की संपत्तियों को कथित तौर पर दूसरे के नाम दर्ज कराए जाने और बाद में उनके क्रय-विक्रय के आरोपों की जांच के लिए टीम गठित की गई है।
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उप-जिलाधिकारी को भेजे गए पत्र के मुताबिक चक निरातुल निवासी राजीव नागर के नाम पर इन क्षेत्रों में अनुसूचित जाति के व्यक्तियों की संपत्तियां कथित तौर पर बेनामी रूप से लिखवाए जाने का उल्लेख किया गया है। आरोप यह भी है कि इन संपत्तियों का क्रय-विक्रय कर धन अतीक के कथित गुर्गों और रिश्तेदारों के माध्यम से संबंधित लोगों तक पहुंचाया जाता रहा। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। जांच के लिए नायब तहसीलदार दक्षिणी सदर पीयूष कुशवाहा को टीम में शामिल किया गया है। उनके अलावा एयरपोर्ट थाने के प्रभारी निरीक्षक, राजस्व निरीक्षक अमर सिंह, शाह उर्फ पीपलगांव और दानूपुर क्षेत्र के संबंधित लेखपालों को जांच टीम का हिस्सा बनाया गया है।