इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि)
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प्रयागराज। इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) के पूर्व कुलपति प्रो. रतन लाल हांगलू पर लगे वित्तीय, प्रशासनिक एवं अकादमिक आरोपों की जांच कर रही शिक्षा मंत्रालय की तीन सदस्यीय टीम प्रो. हांगलू के खिलाफ ऑनलाइन शिकायत सुनेगी। कोविड के कारण जांच काफी धीमी चल रहे है। ऐसे में कमेटी ने जांच की अवधि बढ़ाने के लिए मंत्रालय से अनुमति मांगी है। इविवि के पूर्व कुलपति प्रो. हांगूलू के खिलाफ जांच शुरू हुए दस माह हो गए हैं। जनवरी 2020 में इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू) के कुलपति प्रो. नागेश्वर राव की अध्यक्षता में गठित तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित की गई थी।
कमेटी तीन बार प्रयागराज आ चुकी है। पहली बार कमेटी के सदस्य जब आए थे तो उनके सामने शिकायतकर्ताओं की भीड़ लग गई थी। कमेटी ने सीधे शिकायत लेने की जगह इविवि के कुलपति कार्यालय में शिकायत प्रकोष्ठ खुलवा दिया था। वहां सैकड़ों की संख्या में शिकायतें आईं थीं। इसके बाद कमेटी के सदस्य दोबारा आए और उन्होंने व्यक्तिगत रूप से शिकायतकर्ताओं से मुलाकात की।
तीसरी बार आईं जांच कमेटी के सामने इविवि के रिटायर्ड शिक्षकों ने प्रो. हांगलू के खिलाफ 700 पेज की 40 फाइलें प्रस्तुत की थीं। इसके बाद कमेटी ने सभी शिकायतों के मद्देनजर इविवि प्रशासन से 40 बिंदुओं पर रिपोर्ट मांगी थी। इविवि प्रशासन की ओर से तीन हजार पन्नों के सथ 17 पेज की रिपोर्ट कमेटी को भेजी गई थी।
जांच अभी पूरी नहीं हुई है। सूत्रों के अनुसार अभी कुछ अन्य शिकायतकर्ताओं के बयान लिए जाने हैं, लेकिन कोविड-19 के कारण कमेटी के सदस्य यहां नहीं आ पा रहे हैं। जांच पूरी करने की अवधि भी अगस्त में पूरी हो चुकी है। शिक्षा मंत्रालय से जांच अवधि बढ़ाए जाने की मंजूरी मिलने के बाद कमेटी ऑनलाइन माध्यम से जांच को आगे बढ़ाएगी और इसके बार रिपोर्ट मंत्रालय को भेजी जाएगी।