मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने शनिवार को अखाड़ा परिषद के साथ बैठक में साधु -संतों को आश्वस्त किया कि कुंभ के दौरान गंगा-यमुना में जो जल आएगा, वह अत्यंत शुद्ध होगा। श्रद्धालुओं को पूरे कुंभ की अवधि तक शुद्ध गंगा जल निरंतर उपलब्ध रहेगा। 15 दिसंबर 2018 से 15 मार्च 2019 तक गंगा, यमुना तथा उनकी सहायक नदियों में कोई कचरा नहीं प्रवाहित होगा। स्वच्छता के लिए उन्होंने कुंभ के दौरान मेला क्षेत्र में 15 लाख शौचालय बनाए जाने की घोषणा की।
सीएम ने आह्वान किया कि यह कुंभ में देश और दुनिया से आने वाले श्रद्धालुओं के आतिथ्य के लिए न केवल प्रयाग के नागरिक बल्कि अखाड़ों के संत, महात्मा और अधिकारी मनोयोग से तैयार रहें। इस बार 15 दिसंबर से 15 मार्च के बीच कुंभ के दौरान देश के छह लाख गांवों के लोग इस आयोजन में शामिल होंगे। इस उत्सव को देखने के लिए दुनिया के 192 देशों के लोग इसमे भाग लेंगे। इस दृष्टिकोण से इस आयोजन को सजाने की तैयारी अभी से पूरी कर ली जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि अभी से संगम तट के स्वच्छ रखने की व्यवस्था की जाए। प्रयागराज में जितने भी धर्म स्थल हैं, उनके विकास की योजना इस तरह बनाई जाए कि उनको देखकर हर पर्यटक और तीर्थयात्री को कुंभ की दिव्यता की आभास हो। मुख्यमंत्री ने मेला क्षेत्र में 15 लाख शौचालय बनाने की घोषणा की। कहा कि इस बड़े आयोजन में स्वच्छता और सुरक्षा के लिए यहां के नागरिकों के साथ यहां के प्रशासनिक अमले और साधु-संतों को भी जागरूक रहना होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि कुंभ में पधारने वाले श्रद्धालुओं को कम से कम पैदल चलना पड़े इसके लिए बनाई जाने वाली पार्किंग मेला क्षेत्र के पांच किमी के दायरे में ही हो।
सीएम ने कुंभ के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा में किसी तरह की कोर कसर न छोड़ने का निर्देश दिया। बताया कि सुरक्षा की दृष्टि से पूरे मेला क्षेत्र और प्रयागराज में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। ड्रोन कैमरों से निगरानी की जाएगी। सुरक्षा के व्यापक इंतजाम होंगे। फिर भी सुरक्षा के प्रति जागरूक रहना हर नागरिक कर्तव्य है। संगम तट पर चकर्ड प्लेट, एलईडी लाईट की रोशनी से पूरे क्षेत्र को सजाया जा रहा है। मुख्यमंत्री के निर्देशन में प्रयाग के विभिन्न तीर्थो के उद्धार का समय आ गया है। हरि गिरि महाराज, महामंत्री-अखाड़ा परिषद। इतिहास में पहली बार कुंभ के शाही स्नान की तिथियों की घोषणा किसी मुख्यमंत्री ने प्रयाग आकर की है। यह कुंभ मेला ऐतिहासिक और यादगार होगा। -नरेंद्र गिरी महाराज, अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष। आठ अखाड़ा परिसरों में कमरे एवं मूलभूत सुविधाएं, शौचालय, स्नागार के निर्माण का कार्य चल रहा है। द्वादश माधव मंदिर, पंचकोसी परिक्रमा के पहुंच मार्गों के नवीनीकरण एवं शेष भाग के चौड़ीकरण का कार्य व विद्युतीकरण किया जा रहा है। सर्किट हाउस में अफसरों ने यह जानकारी सीएम को दी।
बताया कि पेशवाई मार्ग पर स्थित पुरानी एलटी लाइन के खुले तार को एरियर बंच कंडक्टर से बदलने का काम किया जा रहा है। मौजगिरि जूना अखाड़े के पास यमुना तट पर, गंगा नदी के बाएं छतनाग, नागेश्वर मंदिर के सामने नए पक्के घाटों का निर्माण शुरू हो गया है। फाफामऊ से अरैल तक नदी के किनारे 15 किमी की लंबाई में अस्थाई घाटों का निर्माण प्रस्तावित है। इस बार कुंभ में किए जा रहे नए कार्यों में मेला क्षेत्र में विशाल गंगा पंडाल तथा सत्संग पंडालों की स्थापना भी है। गंगा पंडाल में एक साथ 10,000 श्रद्धालुओं, तीर्थयात्रियों के बैठने की व्यवस्था की गई है। कुंभ मेला अवधि में प्रतिदिन आध्यात्मिक, धार्मिक, सांस्कृतिक अन्य कार्यक्र संचालित किए जाएंगे। पंडाल में भव्य मंच, गेट, विद्युत सजावट, एलईडी स्क्रीन, ध्वनि विस्तारक यंत्र लगाए जाएंगे। मेला क्षेत्र में तीन सत्संग पंडाल का निर्माण किया जाएगा। जिसमें कम से कम 2000 से अधिक श्रद्धालुओं, तीर्थयात्रियों के बैठने की व्यवस्था रहेगी ।