प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने धांधली की आशंका पर सीएचसी, पीएचसी में होने वाली भर्तियों पर रोक लगा दी है। उन्होंने आदेश भी जारी कर दिए हैं। मंत्री बनने के बाद पहली बार यहां आए मंत्री ने जिले के सरकारी अस्पताल को संसाधन उपलब्ध कराने की घोषणा करते हुए कहा कि कमियों को दूर कर चिकित्सा सेवाएं बेहतर की जाएंगी। इसी के तहत मंत्री, प्रमुख सचिव और महानिदेशक को सभी जिलों के सीएमओ मरीजों, डॉक्टरों, एंबुलेंस और दवा वितरण आदि का ब्यौरा प्रतिदिन एक निश्चित फार्मेट पर उपलब्ध कराएंगे। उन्होंने कहा कि सरकार की नीति और नियति का ही परिणाम है कि कार्यभार संभालते ही काम शुरू कर दिया गया।
मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कहा कि सीएम योगी की प्रदेश सरकार पीएम मोदी की मंशा के अनुरूप संकल्प पत्र के आधार पर काम कर रही है। अवैध बूचड़खानों पर रोक, एंटी रोमियो स्क्वायड और स्वच्छता अभियान इसके उदाहरण हैं। उनके मंत्रालय का लक्ष्य समाज के आखिरी पायदान पर खड़े व्यक्ति तक स्वास्थ्य सेवाओं को पहुंचाना है। इसी के तहत स्टैंडर्ड ट्रीटमेंट प्रोटोकॉल बनाया जाएगा, जिससे शहर और गांव में दस साधारण बीमारियों में मलेरिया, डेंगू जैसी बीमारियों का एक समान इलाज होगा। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर हों इसके लिए अस्पतालों का निरीक्षण शुरू कर दिया गया है। वहां उपकरण, डॉक्टर और दवा की कमी हुई तो उसे दूर कि या जाएगा। नए विभाग खोले जाएंगे। ऐसा एप बनाएंगे जिससे किसी भी तरह का फोन इस्तेमाल करने वाले दूर दराज में रहने वाले अपने पास उत्कृष्ट डॉक्टर और अस्पताल में उपचार करा सकेंगे।
शहर पश्चिमी की जनता से किए गए वादों को पूरा करने की बात करते हुए मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह कहा कि उनके क्षेत्र में सड़कों का हाल सबसे खराब है। पीपल गांव वाली सड़क को फौरन ठीक करने और अन्य खराब सड़कों के बारे में सूची बनाने को कहा था। शनिवार को अफसरों की बैठक में इस बारे में प्रमुखता से पूछताछ कर कार्य कराया जाएगा। अन्य समस्याओं को भी जल्द दूर कर क्षेत्र विकास की योजना उनकी प्राथमिकता में शामिल है। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन देने के साथ बिना किसी भेदभाव के सभी जगह काम कराए जाएंगे।