इलाहाबाद। खुसरोबाग और रेल ओवरब्रिज के पास लीडर प्रेस परिसर में बृहस्पतिवार को जिला प्रशासन एवं एडीए की कार्रवाई के विरोध में स्थानीय लोगों ने शुक्रवार को इंदिरा भवन स्थित एडीए कार्यालय में प्रदर्शन किया। इसमें बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल हुए। लोगों की भीड़ पहुंचते और बवाल की आशंका को देखते हुए एडीए कार्यालय के चैनल बंद कर दिए गए। इससे नाराज लोग वहां धरने पर बैठक गए। अफसरों ने मान-मनौव्वल की कोशिश की लेकिन लोग उपाध्यक्ष से वार्ता पर अड़ गए। बाद में कुछ लोगों को एडीए सभाकक्ष में बुलाया गया, जहां उपाध्यक्ष अजय कुमार सिंह ने उनसे वार्ता की।
जिला प्रशासन और एडीए ने बृहस्पतिवार को लीडर प्रेस परिसर में कार्रवाई की। पांच अस्थाई निर्माण गिराने के बाद संयुक्त दस्ता जैसे ही आगे बढ़ा लोगों ने विरोध कर दिया। जबरदस्त विरोध के कारण अफसरों को कार्रवाई बीच में रोकनी पड़ी। इसके खिलाफ पूर्व पार्षद विरेंद्र सोनकर के नेतृत्व में शुक्रवार को बड़ी संख्या में स्थानीय लोग एडीए पहुंच गए। करीब एक घंटे बाद कुछ लोगों को आठवें तल स्थित सभाकक्ष में बुलाया गया।
यहां वार्ता के दौरान लोगों ने कमिश्नर को संबोधित ज्ञापन एडीए उपाध्यक्ष को सौंपा। इसमें कहा गया कि ध्वस्तीकरण के संबंध में नोटिस नहीं जारी किया गया, बल्कि मौखिक आदेश पर कार्रवाई की जा रही है। यहां रहने वालों के मामले न्यायालय में लंबित हैं। फिर भी अगर कोई कार्रवाई होनी है तो उसके लिए नोटिस दिया जाना चाहिए। परिसर खाली करने के लिए तीन माह का समय भी मांगा गया। उपाध्यक्ष ने कहा कि कार्रवाई डीएम के निर्देश पर हुई है। लोगों ने शनिवार को सुबह दस बजे डीएम को ज्ञापन देने का निर्णय लिया। प्रदर्शन में अनीता सोनकर, आजाद जायसवाल, राजेंद्र जायसवाल, राहुल सोनकर, शमीम, रामचंद्र शाही, उदय शंकर, मोहनी, ज्योति, ललिता, गीता, करुणा, मीना, रामकली, रेखा, रूपा, अजय, मोनू, रवि, संतोष आदि शामिल थे।