राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से सर्किट हाउस में मुलाकात कर भाजपाई शुक्रवार को गदगद हो गए। इलाहाबाद पहुंचने के बाद उन्होंने अपने पुराने दिन भी याद किए। चार वर्ष पूर्व भाजपा की निवर्तमान अध्यक्ष शशि वार्ष्णेय के घर खाए पकौड़ों का भी उन्होंने जिक्र किया। इस दौरान भाजपा के प्रतिनिधि मंडल में शामिल 16 सदस्यों के साथ उन्होंने फोटो भी खिंचवाई। प्रतिनिधि मंडल में शामिल नगर अध्यक्ष अवधेश चंद्र गुप्ता, पूर्व मंत्री डा. नरेंद्र कुमार सिंह गौर, रणजीत सिंह एवं पूर्व डिप्टी मेयर ने उन्हें एक ज्ञापन भी सौंपा।
तय समय 4.30 बजे से पूर्व ही भाजपाइयों को शाम 4.10 बजे ही राष्ट्रपति ने मुलाकात के लिए सर्किट हाउस में मिनी हॉल में बुलवा लिया। यहां पूर्व डिप्टी मेयर मुरारी लाल ने इलाहाबाद का नाम प्रयागराज रखे जाने तो पूर्व नगर अध्यक्ष रणजीत सिंह ने इलाहाबाद में साहित्य केंद्र एवं इलाहाबाद-कौशांबी के प्राचीन बौद्ध स्थल अशोक स्तंभ मिंटो पार्क एवं भीटा घूरपुर और कौशांबी के बौद्ध स्थलों को एक परिपथ में जोड़ने की मांग की। इस दौरान पूर्व मंत्री डा. गौर ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय में चिकित्सा, कृषि एवं इंजीनियरिंग संकाय की स्थापना की मांग की। भाजपा नगर अध्यक्ष ने उत्तर प्रदेश श्री कान्य कुुब्ज वैश्य भोजवाल (भुर्जी) सभा का एक मांगपत्र राष्ट्रपति को सौंपा। पूर्व पार्षद दिनेश कुमार गुप्ता की ओर से भेजे गए इस ज्ञापन के माध्यम से भुर्जी जाति को सर्वाधिक पिछड़ी जाति की सूची में डालकर एससी/एसटी के समान आरक्षण की सुविधा दिए जाने की मांग की गई। सभी ज्ञापन लेने के बाद राष्ट्रपति ने संबंधित विभाग को भेजे जाने की बात कही। 20 मिनट की मुलाकात के दौरान आशीष गुप्ता, डा .कमला सिंह, राजेंद्र मिश्र, गिरीशंकर प्रभाकर, श्याम चंद्र, रवि केसरवानी, शिवेंद्र मिश्रा, संजय गुप्ता, प्रमोद जायसवाल, अनामिका चौधरी और लल्लू लाल कुशवाहा मौजूद रहे।
सर्किट हाउस में पश्चिमी बंगाल के राज्यपाल केशरी नाथ त्रिपाठी और भाजपा के वरिष्ठ नेता डा. एलएस ओझा के साथ राष्ट्रपति ने अकेले में 15 मिनट मुलाकात की। दोनों के साथ ही उन्होंने चाय पी। इस दौरान उन्होंने कहा कि कुंभ से पूरे विश्व में अच्छा संदेश जाता है। उन्होंने डा. ओझा से आईएमए की नई बिल्डिंग के बारे में भी पूछा। डा. ओझा ने उन्हें बताया कि इस बिल्डिंग का निर्माण चिकित्सकों के अथक प्रयास से ही संभव हो पाया। इसके लिए किसी बाहरी व्यक्ति और संस्था की मदद नहीं ली गई।