राष्ट्रपति के 10 जनवरी के ही आने की बात कही जा रही थी लेकिन जिला प्रशासन की ओर से शुक्रवार को स्पष्ट किया गया कि महाकुंभ आयोजन से पहले उनके आगमन की कोई सूचना नहीं है। 14 जनवरी को मकर संक्रांति के बाद 29 जनवरी को मौनी अमावस्या का शाही स्नान है। यानी, इन दो प्रमुख स्नान पर्वों के बीच करीब 15 दिनों का अंतर है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू पांच से 10 फरवरी के बीच आएंगी। मुख्य स्नान पर्वों के बाद उनका कार्यक्रम प्रस्तावित है। ताकि, मेले की तैयारी प्रभावित न होने पाए। राष्ट्रपति के इस संभावित कार्यक्रम के मद्देनजर मेला एवं जिला प्रशासन ने तैयारी शुरू कर दी है।
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राष्ट्रपति के 10 जनवरी के ही आने की बात कही जा रही थी लेकिन जिला प्रशासन की ओर से शुक्रवार को स्पष्ट किया गया कि महाकुंभ आयोजन से पहले उनके आगमन की कोई सूचना नहीं है। 14 जनवरी को मकर संक्रांति के बाद 29 जनवरी को मौनी अमावस्या का शाही स्नान है। यानी, इन दो प्रमुख स्नान पर्वों के बीच करीब 15 दिनों का अंतर है।
ऐसे में 22 एवं 23 जनवरी को भी राष्ट्रपति के आगमन की संभावना जताई जा रही थी लेकिन जिला प्रशासन ने इसकी संभावना से भी इन्कार किया। डीएम रविंद्र कुमार मांदड़ का कहना है कि राष्ट्रपति के आगमन को लेकर अभी कोई सूचना नहीं है। उनका कहना है कि राष्ट्रपति का पांच से 10 फरवरी के बीच कार्यक्रम संभावित है।
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आठ से 10 जनवरी के बीच मुख्यमंत्री का आगमन संभावित
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आठ से 10 जनवरी के बीच प्रयागराज आ सकते हैं। माना जा रहा है कि 13 जनवरी से शुरू हो रहे महाकुंभ के पहले यह मुख्यमंत्री का अंतिम दौरा होगा। ऐसे में वह आयोजन के हर पहलू की पूरी तैयारी देखेंगे। इस बाबत मेला प्रशासन की ओर से तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है।