अलग-अलग कारणों से लंबे समय से ड्यूटी से गायब डीआरडीए (जिला ग्राम्य विकास अभिकरण) में नियुक्त तकनीशियन को अनिवार्य सेवानिवृत्ति (वीआरएस) देने की तैयारी है। उनकी रिपोर्ट तैयार की जा रही है। जल्द ही शासन को फाइल भेजी जाएगी। इसी तरह से कलक्ट्रेट में तैनात एक दागी कर्मचारी को भी वीआरएस देने की प्रक्रिया शुरू की गई है।
50 वर्ष से अधिक उम्र के अक्षम कर्मचारियों को वीआरएस देने की कवायद एक बार फिर शुरू की गई है। इस बार काम में लापरवाही के अलावा भ्रष्टाचार को भी आधार बनाया गया है। दागी और काम में लापरवाह 50 वर्ष से अधिक आयु के कर्मचारियों की फाइल तैयार की जा रही है। जल्द ही ऐसे कर्मचारियों की लंबी सूची हो सकती है।
विकास भवन के एक अफसर के अनुसार 10 से अधिक कर्मचारियों की फाइल तैयार है। उनका यह भी कहना है कि कई कर्मचारी चिन्हित किए गए हैं, जिनका रिकार्ड काफी खराब है लेकिन एक साल के भीतर ही उनकी सेवानिवृत्ति भी होनी है। इसलिए फिलहाल ऐसे कर्मचारियों को वीआरएस वाली सूची से बाहर रखा जाएगा। ताकि, बेवजह का विवाद न हो।
भाजपा की सरकार बनने के बाद ही हो गया था आदेश
प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की सरकार बनने के बाद ही 50 वर्ष से अधिक आयु के अक्षम अफसरों और कर्मचारियों को वीआरएस देने का आदेश जारी किया गया था। इसके बाद कई को वीआरएस भी दिया गया लेकिन पूरे प्रदेश मेें तीव्र विरोध के बाद सरकार पीछे हट गई। अब फिर से दागी और लापरवाह कर्मचारियों की छंटनी की शुरुआत की गई है।
सेवा पुस्तिका में बैड इंट्री और अन्य कार्रवाई बनेेंगे आधार
अनिवार्य सेवानिवृत्ति के लिए भ्रष्टाचार के अलावा सेवा पुस्तिका में बैड इंट्री, प्रतिकूल प्रविष्टि जैसी कार्रवाई को आधार बनाया जा रहा है। अफसरों और कर्मचारियों के खिलाफ इस तरह की कार्रवाई भी बढ़ गई है। इसे वीआरएस देने के लिए आधार तैयार करने की प्रक्रिया के रूप में देखा जा रहा है।
अफसरों का कहना है कि बहुत से कर्मचारियों की कार्यशैली और व्यवहार को लेकर गंभीर शिकायतें हैं, लेकिन सेवा पुस्तिका में कोई दाग नहीं है। ऐसे में उनके खिलाफ किसी तरह की कार्रवाई नहीं की जा सकती। ऐसे कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के लिए लिखा गया है। यदि इसके बाद भी उनमें सुधार नहीं हुआ तो वीआरएस देने की कार्रवाई की जाएगी।
‘डीआरडीए में कार्यरत तकनीशियन लंबे समय से गायब हैं। उनकी फाइल तैयार की गई है। कार्रवाई के लिए शासन को लिखा जाएगा। कई अन्य अफसर और कर्मचारी भी हैं जिन पर भ्रष्टाचार और काम में लापरवाही के गंभीर मामले आरोपित हैं। उनकी भी रिपोर्ट तैयार की जा रही है। जल्द ही रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी-
अरविंद सिंह, सीडीओ