गांव की महिलाओं ने पहले ही बता दिया था कि ऊषा गर्भवती थी, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में इस बात की पुष्टि हुई कि उसे तीन महीने का गर्भ था। साफ है कि कातिलों ने तीन नहीं, चार जानें ली हैं। मायके वालों के साथ साथ शुक्रवार को दूर दूर से रिश्तेदार और परिचित गांव पहुंचे थे।
दो बच्चों को जिस तरह से मारा गया था, सभी हतप्रभ थे। दोपहर में शव जब पहुंचा तो लोगों के आंसू नहीं रुक रहे थे। मनैया घाट पर तीनों का अंतिम संस्कार किया गया।