खाली पेट निकलना खतरनाक
मेडिकल कॉलेज के डॉ. आरएन पांडेय के मुताबिक गर्मी में खाली पेट बाहर निकलना बेहद खतरनाक है। पानी थोड़ा-थोड़ा पीते रहना चाहिए। धूप से छांव में आने के बाद तुरंत पानी या कोई भी पेय पदार्थ नहीं पीना चाहिए। चक्कर या मिचली आने पर तुरंत चिकित्सक से परामर्श लेकर ही दवा लेनी चाहिए। बुजुर्गों और बच्चों को बेहद एहतियात से रखने की जरूरत है।
स्कूली बच्चों के चेहरे हुए लाल
त्वचा झुलसाने वाली गर्मी की वजह से स्कूली बच्चे और अस्पताल गए मरीज सर्वाधिक परेशान हुए। दोपहर में छुट्टी के समय रिक्शा ट्रॉली और बस-टेंपो सवार बच्चों के चेहरे तपिश की वजह से लाल दिखे। जाम में रिक्शा फंसने पर बच्चे पानी से मुंह धोते रहे। पीने और मुंह धोने में बच्चों की बोतलें खाली हो गईं। वहीं गमछा, टोपी लगाकर निकले दोपहिया सवार बीच-बीच में पेड़ की छांव में गर्मी से राहत पाने का प्रयास करते रहे। एसआरएन, कॉल्विन, चिल्ड्रेन और बेली अस्पतालों से बाहर निकले लोग गर्मी में परेशान दिखे।
अप्रैल में तीसरी बार सर्वाधिक तापमान
19 अप्रैल को 44.4 डिग्री सेल्सियस
23 अप्रैल को 44.4 डिग्री सेल्सियस
24 अप्रैल को 45.2 डिग्री सेल्सियस
प्रदेश के सर्वाधिक तापमान वाले जनपद
प्रयागराज- 45.2 - पहला स्थान
वाराणसी-44.3 - दूसरा स्थान
बांदा- 44.2 - तीसरा स्थान
आगरा- 44.0 - चौथा स्थान