इस बार कड़ाके की सर्दी पड़ने की संभावना है। इसकी आमद का एहसास नवंबर माह में होने लगा है। मौसम विभाग के अनुसार अधिक सर्दी पड़ने का कारण प्रशांत महासागर में ला नीना का प्रभाव है जिसकी वजह से इस बार अच्छी बारिश होने के साथ भीषण सर्दी पड़ने के आसार हैं।
इस बार कड़ाके की सर्दी पड़ने की संभावना है। इसकी आमद का एहसास नवंबर माह में होने लगा है। मौसम विभाग के अनुसार अधिक सर्दी पड़ने का कारण प्रशांत महासागर में ला नीना का प्रभाव है जिसकी वजह से इस बार अच्छी बारिश होने के साथ भीषण सर्दी पड़ने के आसार हैं। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि करीब पांच साल बाद नवंबर महीने से इस प्रकार की सर्दी की शुरुआत हुई है। इससे पहले वर्ष 2020 में नवंबर माह में न्यूनतम तापमान 11 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंचा था। इसके अलावा मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि इस बार सर्दी लंबे समय तक रहेगी। वहीं अगले 20 दिन के भीतर कोहरा पड़ने की भी संभावना है।
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क्या है ला नीना
प्रशांत महासागर में ला नीना एक प्राकृतिक जलवायु घटना है, जिसमें भूमध्यरेखीय प्रशांत महासागर का सतही जल सामान्य से ठंडा हो जाता है। इस दौरान, व्यापारिक हवाएं मजबूत हो जाती हैं और गर्म पानी को प्रशांत महासागर के पश्चिमी भाग (एशिया और ऑस्ट्रेलिया के पास) की ओर धकेलती हैं। इसका विपरीत प्रभाव अल नीनो के विपरीत होता है।