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Prayagraj Weather : शीतलहर, ठंड और घने कोहरे ने थाम दी जीवन की रफ्तार, रजाई में भी कांपते रहे लोग

Thu, 08 Jan 2026 01:40 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

संगम नगरी बृहस्पतिवार को शीतलहरी और कड़ाके की ठंड की चपेट में रही। मौसम का यह तीखा मिजाज आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर रहा है। बीते कई दिनों से लगातार तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है, वहीं सुबह और देर रात घना कोहरा छाए रहने से दृश्यता महज 10 मीटर से भी कम हो गई है। हालात इतने गंभीर हो गए हैं कि सड़कों पर वाहन रेंगते नजर आ रहे हैं और आम लोगों की दिनचर्या पूरी तरह बदल गई है।

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बृहस्पतिवार को सिविल लाइंस के सुभाष चौराहे पर दोपहर में छाया घना कोहरा। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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प्रयागराज बृहस्पतिार को ठंड की चपेट में रहा। घने कोहरे के चलते दृश्यता 10 मीटर से भी कम हो गई। दोपहर दो बजे तक शहर से लेकर ग्रामीण अंचलों में घना कोहरा छाया रहा। सड़कों और पुलों पर वाहन रेंगते नजर आए। दोपहर बाद तक चालक वाहनों की हेडलाइट जलाकर चलते नजर आए।  जनजीवन काफी अस्तव्यस्त रहा। सरकारी और गैर सरकारी कार्यालयों के साथ स्कूल-कॉलेजों में कर्मचारियों और छात्रों की संख्या कम देखी गई। माघ मेले में में ठंड का असर दिखा। शिविरों में कल्पवासियों के साथ साधु-संत अलाव के पास नजर आए। बस स्टैंड और रेलवे स्टेशनों पर भी रोज की अपेक्षा भीड़ कम दिखी।  
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शहर के अल्लापुर, दारागंज, मुट्ठीगंज, कीडगंज और धूमनगंज जैसे घनी आबादी वाले क्षेत्रों में सुबह-सुबह सन्नाटा पसरा रहा। लोग अलाव जलाकर ठंड से राहत पाने की कोशिश करते नजर आए। चाय की दुकानों पर भीड़ अधिक रही, जहां लोग गर्म चाय और नाश्ते के साथ ठंड से राहत तलाशते दिखे। इसी तरह झलवा, सुलेमसराय, झूंसी, नैनी, फाफामऊ, सोरांव, नवाबगंज, मेजा, मांडा और शंकरगढ़ में स्थिति इसी तरह रही। 

घने कोहरे के चलते फसल पर पाला पड़ने की आशंका भी बढ़ गई है। आलू, सब्जी और सरसों की फसलों को नुकसान होने का खतरा बना हुआ है। किसान खेतों में सिंचाई और धुआं करके फसल को बचाने के उपाय कर रहे हैं। भीषण ठंड और कोहरे के कारण लोग आवश्यक काम होने पर ही घर से बाहर निकल रहे हैं। बुजुर्गों और छोटे बच्चों को खास तौर पर सतर्क रहने की जरूरत पड़ रही है। अस्पतालों में सर्दी, खांसी, बुखार और सांस से जुड़ी शिकायतों वाले मरीजों की संख्या बढ़ रही है।
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यातायात व्यवस्था पर असर

घने कोहरे की वजह से सड़कों पर दुर्घटना की आशंका बढ़ गई है। ट्रैफिक पुलिस ने वाहन चालकों को सावधानी से वाहन चलाने की अपील की है। कई स्थानों पर चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं और पेट्रोलिंग बढ़ा दी गई है। राष्ट्रीय राजमार्गों और संपर्क मार्गों पर भारी वाहनों की गति सीमित कर दी गई है। ड्राइवरों को फॉग लाइट, इंडिकेटर और हॉर्न का सावधानीपूर्वक इस्तेमाल करने की सलाह दी जा रही है।

स्वास्थ्य पर प्रभाव

डॉक्टरों के अनुसार, शीतलहरी के दौरान शरीर की प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो सकती है। इससे सर्दी-जुकाम, निमोनिया, जोड़ों में दर्द और सांस संबंधी समस्याएं बढ़ जाती हैं। ठंड के कारण ब्लड प्रेशर और हृदय रोगियों को विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है।

मा मेला क्षेत्र में असर

माघ मेला क्षेत्र में भी घना कोहरा छाया रहा। संगम तट पर सुबह के समय श्रद्धालुओं की संख्या कम रही। स्नानार्थियों को ठंड से बचने के लिए प्रशासन की ओर से अलाव की व्यवस्था की गई है। सुरक्षा कर्मियों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, उत्तर भारत में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और उत्तरी हवाओं के कारण तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। आने वाले कुछ दिनों तक कोहरा और शीतलहरी बने रहने की संभावना है। सुबह और रात के समय विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
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ठंड, शीतलहरी और कोहरे से बचाव के उपाय

बहुत जरूरी हो तभी घर से निकलें
गर्म कपड़े, टोपी, मफलर और दस्ताने पहनें।
सुबह-शाम ठंडी हवा से बचें।
गर्म पानी और गर्म पेय पदार्थों का सेवन करें।
बुजुर्गों और बच्चों को विशेष रूप से गर्म रखें।

यातायात सुरक्षा

वाहन धीमी गति से चलाएं।
फॉग लाइट और हेडलाइट का सही उपयोग करें।
सुरक्षित दूरी बनाए रखें।
अनावश्यक यात्रा से बचें।
घर और आसपास

अलाव या हीटर का सुरक्षित इस्तेमाल करें।

घर में वेंटिलेशन बनाए रखें।
फिसलन से बचने के लिए रास्तों को सूखा रखें।
किसानों के लिए
फसलों की हल्की सिंचाई करें ताकि पाला न पड़े।
धुआं करके तापमान संतुलित रखें।
पशुओं को बंद और गर्म स्थान पर रखें।
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