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प्रयागराज : कछारी बस्तियों में घुसा पानी, सैकड़ों मकान पानी से घिरे

Fri, 06 Aug 2021 01:02 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

  • घरों तक पानी आने पर लोगों ने छतों पर पहुंचाई गृहस्थी,दर्जनों परिवारों ने घर छोड़ा,
  • फाफामऊ में गंगा चेतावनी बिंदु से 1.49 मीटर नीचे, यमुना भी तटबंधों की ओर 
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prayagraj news : तेजी से बढ़ रहा है गंगा-यमुना का जलस्तर। - फोटो : prayagraj
राजस्थान के धौलपुर बैराज से छोड़े गए पानी के दबाव के बीच बृहस्पतिवार को गंगा-यमुना में उफान आ गया। गंगा-यमुना के तटबंधों की ओर बढ़ने से निचले स्तरों में बाढ़ आ गई। दर्जन भर से अधिक कछारी बस्तियों में पानी घुसने से लोग घर छोड़ने लगे हैं। कोई छतों पर गृहस्थी पहुंचा रहा है तो कोई रिश्तेदारों के यहां शरण लेने के साथ ही सुरक्षित ठिकाना ढूंढने लगा है। रात आठ बजे फाफामऊ में गंगा चेतावनी बिंदु से 1.49 मीटर और नैनी में यमुना1.69 मीटर नीचे बहती रही। 
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prayagraj news : तेजी से बढ़ रहा है गंगा-यमुना का जलस्तर। - फोटो : prayagraj
तटवर्ती बस्तियों में पानी घुसने से स्थिति चिंताजनक हो गई है। वहीं, एक दिन पहले राजस्थान के धौलपुर बांध से छोड़े गए 17.81 लाख क्यूसेक से अधिक पानी के भी अगले 48 घंटे के भीतर यहां पहुंचने का अनुमान है, जिससे बाढ़ का पानी खतरे के निशान को पार कर शहर के कुछ हिस्सों और आवासीय कॉलोनियों में भी दाखिल हो सकता है। उधर, प्रशासन ने राहत और बचाव की दिशा में काम शुरू कर दिया है। जिलाधिकारी संजय खत्री ने अफसरों के साथ बाढ़ राहत व बचाव की तैयारियों की जानकारी ली।
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prayagraj news : तेजी से बढ़ रहा है गंगा-यमुना का जलस्तर। - फोटो : prayagraj
प्रभावित इलाकों में संक्रमण न फैलने पाए, इसके लिए नगर निगम और चिकित्सा विभाग को जरूरी इंतजाम रखने की हिदायत दी गई है। फिलहाल गंगा सात और यमुना आठ सेमी प्रति घंटा की रफ्तार से बढ़ रही हैं। इससे बेली कछार में पानी घुस गया है। साथ ही सैकड़ों मकान पानी से घिर गए हैं। इसके अलावा द्रोपदी घाट, उंचवागढ़ी, गंगापुरी, चांदपुर, सलोरी, छोटा बघाड़ा, बख्शी मोढ़ा, करेलाबाग समेत कई कछारी बस्तियों में पानी प्रवेश कर गया।

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prayagraj news : तेजी से बढ़ रहा है गंगा-यमुना का जलस्तर। - फोटो : prayagraj
जिस रफ्तार से पानी बढ़ रहा है, उससे रात तक निचले स्तरों के बड़े हिस्से में दुश्वारियां बढ़ने से इंकार नहीं किया जा सकता। सिंचाई विभाग बाढ़ खंड की ओर से रात आठ बजे जारी बुलेटिन के अनुसार गंगा के बाद यमुना चेतावनी भी बिंदु की ओर बढ़ गई। अब प्रशासन का पूरा जोर राजस्थान के धौलपुर बैराज से छोड़े गए पानी के असर से निबटने को लेकर है, ताकि बाढ़ की वजह से विस्थापन और बर्बादी का दायरा बढ़ने से रोका जा सके।  
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prayagraj news : तेजी से बढ़ रहा है गंगा-यमुना का जलस्तर। - फोटो : prayagraj
राहत शिविरों में खाने के पैकेट और दवा के इंतजाम रखने के निर्देश
तटवर्ती इलाके के स्कूलों और सामुदायिक भवनों में राहत शिविर खोले जा रहे हैं। राहत शिविरों में खाने के पैकेट, बिजली, पानी व दवा के समुचित इंतजाम रखने के निर्देश दिए। कछारी इलाकों की बस्तियों में बाढ़ का पानी बृहस्पतिवार को और फैलने से बर्तन, बिस्तर और अनाज लेकर सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए लोगों ने तैयारी कर ली।
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prayagraj news : तेजी से बढ़ रहा है गंगा-यमुना का जलस्तर। - फोटो : prayagraj
बाढ़ खंड सतर्क, गंगा-यमुना के जलस्तर पर 24 घंटे नजर
सिंचाई बाढ़ खंड के अभियंताओं के मुताबिक गंगा-यमुना के जलस्तर पर 24 घंटे नजर रखी जा रही है। चंबल का जलस्तर तेजी से बढ़ने से यमुना जल्द ही रौद्र रूप धारण कर सकती हैं। फिलहाल राजस्थान की ओर से जल दबाव बना हुआ है। इससे यमुना से भारी जलराशि आने की आशंका बनी हुई है। माना जा रहा है कि पानी अब तेजी से बढ़ेगा। जलस्तर में अभी कितनी वृद्धि होगी, इस पर अभी सटीक तौर पर कुछ भी नहीं कहा जा सकता।
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prayagraj news : संगम पर लेटे हनुमानजी का मां गंगा ने किया अभिषेक। - फोटो : prayagraj
संगम पर गंगा ने किया बड़े हनुमान का जलाभिषेक
गंगा बृहस्पतिवार की दोपहर त्रिवेणी बांध के पास स्थित बड़े हनुमान मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश कर गईं। मां गंगा के गर्भगृह में आने के बाद अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ मां गंगा की पूजा की। इसके बाद गंगा की आरती उतारी गई। शाम तक मंदिर परिसर में कमर से ऊपर गंगा बहने लगी।

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prayagraj news : तेजी से बढ़ रहा है गंगा-यमुना का जलस्तर। - फोटो : prayagraj
गंगा-यमुना का जलस्तर

खतरे का निशान- 84.73 मीटर
चेतावनी बिंदु- 83.73 मीटर

गंगा:
फाफामऊ -82.24
छतनाग- 81.43
यमुना:
नैनी- 82.04

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prayagraj news : तेजी से बढ़ रहा है गंगा-यमुना का जलस्तर। - फोटो : prayagraj
बस्तियों में घुसा बाढ़ का पानी, चलाई गईं नावें 

चंबल नदी से पानी छोड़े जाने के बाद गंगा और यमुना नदी के जल स्तर में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। बाढ़ का पानी बस्तियों में घुसने गया है। बदरा सोनौटी में तो नाव चलाई जा रही है। जल पुलिस, पीएसी के अलावा एसडीआरएफ की टीम ने भी कमान संभाल ली है तथा गोताखोर उतार दिए गए हैं। 15 निजी गोताखोरों की भी ड्यूटी लगाई गई है।

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prayagraj news : तेजी से बढ़ रहा है गंगा-यमुना का जलस्तर। - फोटो : prayagraj
चंबल नदी के धवलपुर बैराज से करीब 18 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इसकी वजह से जल स्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है। जल स्तर में अभी दो दिनों तक और बढ़ोतरी की बात कही जा रही है। इससे सदर, सोरांव, फूलपुर, हंडिया, बारा, करछना एवं मेजा के कई गांव प्रभावित होगें। सदर के बघाड़ा, राजापुर, ऊंचवागढ़ी, अशोकनगर, कछार करैली, सदियापुर, करैलाबाग, मीरापुर आदि मोहल्लों के बाढ़ से प्रभावित होने की आशंका है। बदरा सोनौटी, बेली कछार, ऊंचवागढ़ी, छोटा बघाड़ा आदि मोहल्ले के निचले इलाकों में पानी पहुंच गया है।

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prayagraj news : तेजी से बढ़ रहा है गंगा-यमुना का जलस्तर। - फोटो : prayagraj
बदरा सोनौटी में सडक़ें डूब गईं हैं। इसकी वजह से वहां चार नावों का संचालन शुरू कर दिया गया है। 98 बाढ़ चौकियां सक्रिय कर दी गई हैं। सरकारी और निजी मोटर वोट, नावों आदि को प्रशासन ने अपने नियंत्रण में ले लिया है। आश्रय स्थल भी चिह्नित कर लिए गए हैं। निचले इलाकों के नजदीक स्थित आश्रय स्थलों में सभी इंतजाम करने के निर्देश दिए गए हैं। एसडीएम सदर के मोबाइल नंबर 9454417814 पर जरूरी सूचनाएं दी जा सकती हैं। एडीएम वित्त एवं राजस्व एमपी सिंह का कहना है कि बाढ़ की आशंका को देखते हुए पूरी तैयारी की गई है। उन्होंने बताया कि चंबल में पानी कम होने लगा है। ऐसे में दो-तीन बाद राहत की उम्मीद की जा रही है।
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prayagraj news : तेजी से बढ़ रहा है गंगा-यमुना का जलस्तर। - फोटो : prayagraj
बाढ़ कंट्रोल रूम स्थापित
कलक्ट्रेट परिसर में बाढ़ कंट्रोल रूम भी स्थापित कर दिया गया है। इसके फोन नंबर 0532-2641577 और 0532-2641578 पर बाढ़ से संबंधित सभी तरह की सूचनाएं दी और ली जा सकती हैं। मदद के लिए भी इन नंबरों पर फोन किया जा सकता है।

नागरिक सुरक्षा कोर के सदस्यों की भी लगी ड्यूटी
बाढ़ से बचाव कार्य में नागरिक सुरक्षा कोर के कार्यकर्ताओं की भी ड्यूटी लगाई गई है। कोर की बृहस्पतिवार को हुई बैठक में तैयारियों पर चर्चा हुई। सदस्यों ने संभावित बाढ़ वाले इलाकों का निरीक्षण भी किया। बैठक में चीफ वार्डेन अनिल कुमार, उप नियंत्रक ओंकार शर्मा, राकेश तिवारी, राजीव भनोट, रवि शंकर द्विवेदी आदि मौजूद रहे।
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