सूत्रों के मुताबिक, कस्टडी रिमांड में हुई पूछताछ के दौरान यह बात सामने आई कि कानपुर उपद्रव में जेल भेजे गए और आरोपी बनाए गए कुछ लोगों की पैरवी एक मुस्लिम संगठन का कानपुर निवासी व्यक्ति कर रहा था। जिसके लिए वह 10 जून से पहले हाईकोर्ट भी आया था। यहां आने के दौरान ही उसने जावेद से भी मुलाकात की थी। उससे मिलने के बाद ही अटाला में जुमे के दिन प्रदर्शन की योजना बनी थी।
प्रदर्शन की थी योजना, चलने लगे पत्थर
सूत्रों के मुताबिक, जावेद से पूछताछ में पता चला कि कानपुर निवासी पैरोकार से मिलने के बाद ही करेली में एक मीटिंग की गई थी। इसमें कई लोग शामिल थे। मीटिंग में यह भी योजना बनी थी कि जुमे के दिन अटाला में प्रदर्शन किया जाएगा। लेकिन योजना शांतिपूर्ण विरोध जताने व ज्ञापन सौंपने की ही थी। लेकिन योजना तब धरी रह गई जब वहां जमा युवकों ने पुलिस पर पत्थरबाजी शुरू कर दी और इसके बाद बवाल हो गया। पुलिस अफसरों का कहना है कि यह पता लगाया जा रहा है कि मीटिंग में कौन-कौन लोग शामिल थे।
अखलाक समेत दो की कस्टडी रिमांड अर्जी मंजूर
प्रयागराज। अटाला बवाल मामले में गिरफ्तार कर जेल भेजे गए दो अन्य आरोपियों को कस्टडी रिमांड पर लेने की पुलिस की अर्जी कोर्ट ने मंजूर कर ली है। इनमें करेली निवासी अखलाक व अब्दुल रहमान शामिल हैं। दोनों को मंगलवार को कस्टडी रिमांड पर लिया जाएगा। कोर्ट ने 24 घंटे के लिए उनकी कस्टडी रिमांड स्वीकृत की है।
गौरतलब है कि जेल भेजने के दौरान पुलिस अफसरों ने बताया कि मस्जिद में रहने वाला अखलाक उपद्रवियों में शामिल था और पुलिसकर्मियों को लेकर सबसे क्रूरता उसने ही दिखाई थी। वह मरने-मारने पर उतारू था और अफसरों के मना करने पर खुद को गोली मारने की भी धमकी दी थी। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के जरिए उसकी पहचान की थी। उसने ही ऐनुद्दीनपुर निवासी हाफिज का नाम बताया था, जिसे एक दिन पहले पुलिस ने जेल भेजा था।
एआईएमआईएम जिलाध्यक्ष समेत पांच हुए 25-25 हजार के इनामी
उधर अटाला बवाल में फरार चले रहे पांच नामजद आरोपियों पर सोमवार को 25-25 हजार का इनाम घोषित कर दिया गया। इनमें एआईएमआईएम जिलाध्यक्ष शाहआलम निवासी गौसनगर, करेली के पार्षद फजल खां निवासी करेलाबाग, उमर खालिद निवासी मिन्हाजपुर शाहगंज, आशीष मित्तल निवासी लोहिया मार्ग सिविल लाइंस और जीशान रहमानी निवासी अहमदपुर असरौली, पूरामुफ्ती शामिल हैं। इन सभी के खिलाफ एनबीडब्ल्यू भी जारी हो चुका है।