अमिलिया गांव स्थित सरकारी ठेके से खरीदकर शराब पीने वाले महेंद्र कुमार वनवासी (40) निवासी अरवासी गांव की हालत शनिवार सुबह बिगड़ गई। परिजन उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। उधर शराब का सेवन करने वाले अगरापट्टी गांव के महेंद्र पुत्र मुंशीलाल को हालत बिगडने पर परिजन देर रात ही उसे प्रतापगढ़ लेकर चले गए थे। जहां से हालत बेहद गंभीर देख उसे रेफर कर दिया गया। लेकिन कुछ ही देर बाद उसकी मौत हो गई।
पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। अमिलिया, कंसार, मलिया का पूरा, मैलवन समेत आधा दर्जन से ज्यादा गांवों के 15 अन्य लोग भी शनिवार को अस्पताल भेजे गए। इन सभी के बारे में जानकारी मिली थी कि इन्होंने भी सरकारी ठेके से शराब खरीदकर पी थी। हालांकि पुलिस प्रशासन का दावा है कि इनमें से ज्यादातर की हालत सामान्य है।
- सरकारी ठेके से शराब पीने वाले लोगों का अस्पताल में इलाज चल रहा है। शराब के अन्य ठेकों की भी वृहद स्तर पर जांच कराई जा रही है। -आर. रमेश कुमार, कमिश्नर
संचालक समेत तीन गिरफ्तार, चार हिरासत में
आबकारी विभाग की ओर से मामले की रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। एसएसपी सर्वश्रेष्ठ त्रिपाठी ने बताया कि आबकारी इंस्पेक्टर की तहरीर पर अमिलिया गांव के सरकारी ठेके की अनुज्ञापी संगीता जायसवाल, उसके पति श्यामबाबू जायसवाल व सेल्समैन जगतजीत सिंह पर केस दर्ज कर तीनों को गिरफ्तार कर लिया गया है। हिरासत में लिए गए चार अन्य लोगों से पूछताछ जारी है।
ये हुए निलंबित
जहरीली शराब से मौत के मामले में जिला आबकारी अधिकारी संदीप बिहारी मोडवेल, फूलपुर सर्किल के आबकारी इंस्पेक्टर विजय प्रताप यादव व मुख्य आरक्षी सुरेश कुमार को निलंबित कर दिया गया। साथ ही उनके खिलाफ विभागीय जांच के भी आदेश दे दिए गए।