prayagraj news : गंगा में मिले शव का अंतिम संस्कार करते नगर निगम के कर्मचारी।
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गंगा के तटों पर कटान शुरू होने से कोरोना काल में रेत में दफनाए गए शव एक-एक कर बाहर आने लगे हैं। रविवार को फाफामऊ घाट पर रेती में दफनाए गए दो शव कटान की वजह से बाहर आ गए। निगरानी समिति के सदस्यों ने शवों के बाहर आने के बाद नगर निगम के अफसरों को इसकी जानकारी दी। शवों के बाहर आने की जानकारी मिली तो जोनल अधिकारी नीरज कुमार सिंह तत्काल टीम के साथ फाफामऊ घाट पहुंच गए। इसके बाद उन दोनों शवों को मजदूरों की मदद से बाहर निकलवाया गया। जोनल अधिकारी ने कफन के तौर पर रामनामी के साथ ही अंतिम संस्कार के लिए अन्य सामग्री भी मंगाई। चिताएं सजवाने के बाद श्राद्ध और कर्मकांड भी कराया।
prayagraj news : गंगा में फिर दो शव मिले।
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इस दौरान चंदन की लकड़ी और घी चिताओं पर अर्पित करने के बाद उन्होंने बारी-बारी से दोनों शवों को मुखाग्नि दी। बारिश होने के बाद जहां गंगा में एक बार फिर प्रवाह तेज हो गया है, वहीं कटान भी शुरू हो गई है। 10 दिनों में अब तक करीब 12फीट से अधिक गंगा का किनारा कटान में विलीन हो चुका है। कटान से रेत में दफन शवों के अंगों के दिखने के बाद घाट और आसपास के इलाकों में लोग सकते में हैं। हालांकि बारिश होने सेे कटान शुरू होने के बाद नगर निगम प्रशासन ने फाफामऊ घाट पर निगरानी बढ़ा दी है। कहा जा रहा है कि जिस तरह सेे कटा हो रही है, उससे जल्द ही रेत में दबे और भी शव बाहर आ सकते हैं।
कटान बढ़ने पर और भी शव बाहर आने की आशंका है। इसलिए कि जहां गंगा का किनारा कट रहा हैै, वहां सेे सिर्फ एक पीट की दूरी पर ही कई शव दफनाए हुए नजर आ रहे हैं। कटान की वजह से रेत से बाहर आ रहे शव गंगा में न बहने पाएं और चील, कौए न नोचने पाएं, इसके लिए लगातार सख्त निगरानी की जा रही है। ऐसे शवों का विधिवत अंतिम संस्कार कराया जाएगा। -नीरज कुमार सिंह, जोनल अधिकारी-फाफामऊ।