बांग्लादेशी कनेक्शन भी तलाश रही पुलिस
मूक-बधिर दंपती और एक अन्य महिला की हत्या के मामले में पुलिस बांग्लादेशी कनेक्शन भी खंगाल रही है। पुलिस पता लगाने का प्रयास कर रही है कि मृतक दंपती की वास्तविक पहचान क्या थी? वे मूलरूप से कहां के रहने वाले थे। स्थानीय लोगों के अनुसार, दंपती कबाड़ बीनने का काम करते थे। पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है कि उनका संबंध कहीं ऐसे लोगों से तो नहीं था, जिनकी पहचान संदिग्ध रही हो।
जनवरी 2026 में जिले में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों की आशंका को लेकर पुलिस ने कई इलाकों में सत्यापन अभियान चलाया था। लखनऊ से आई टीम ने स्थानीय पुलिस के साथ धूमनगंज के हरवारा और करेली के मुर्गा दरबार इलाके की बस्तियों में छापा मारा था। इस दौरान पहचान पत्र मांगे जाने पर कुछ लोग मौके से भाग निकले थे।
उस समय जांच टीम ने आशंका जताई थी कि कुछ लोग अवैध रूप से रह रहे थे। इनमें कई लोग कबाड़ बीनने, कपड़ा बेचने, मजदूरी और अन्य छोटे-मोटे कामों से जुड़े पाए गए थे। पुलिस अब इस हत्याकांड में भी मृतकों की पहचान और पृष्ठभूमि की जांच कर रही है। पता लगाया जा रहा है कि संदिग्ध लोगों का कोई नेटवर्क तो सक्रिय नहीं है।