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विशप पीटर बलदेव समेत तीन पर धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाने का मुकदमा दर्ज

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Prayagraj: Three people, including Bishop Peter Baldev, filed a lawsuit for making pressure for religion change
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बिशप समेत तीन के
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खिलाफ रिपोर्ट दर्ज
डायोसिस कर्मचारी ने लगाया धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाने का आरोप
प्रयागराज। लखनऊ डायोसिस ट्रस्ट एसोसिएशन के कर्मचारी संजय सिंह ने बिशप पीटर बलदेव, दीपक टूडी और एचआर मल्ल के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। संजय का आरोप है कि उन पर धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाया जा रहा था। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बिशप ने इस मसले में विवेचनाधिकारी से अपना पक्ष रखा है।
दुमदुमा हंडिया का रहने वाला संजय सिंह डायोसिस में कर्मचारी है। संजय का आरोप है कि लंबे समय से उस पर धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाया जा रहा है। एलटीडीए के पूर्व सचिव एचआर मल्ल ने उससे कहा कि दो सौ वर्ग गज जमीन और दो लाख रुपये दिए जाएंगे। जब उनकी बात नहीं मानी तो बिशप पीटर बलदेव ने उन्हें कार्यालय बुलाया और धमकी दी कि अगर ईसाई नहीं बने तो नौकरी से निकाल दिया जाएगा। इसके बाद कोषाधिकारी दीपक टूडी ने धमकी दी कि अगर धर्म परिवर्तन नहीं किया तो बहुत बड़ा नुकसान उठाओगे। संजय सिंह ने पहले सिविल लाइंस फिर एसएसपी आफिस में तहरीर दी जिसके आधार पर बुधवार को पीटर बलदेव, दीपक टूडी और एचआर मल्ल के खिलाफ धारा 153 ए के तहत रिपोर्ट दर्ज कर ली गई। बिशप पीटर बलदेव ने इस मामले में सिविल लाइंस पुलिस से लिखित रूप में अपना पक्ष भी रखा है।
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वसूली के लिए बना रहे दबाव
देशव्यापी आंदोलन होगा : बिशप
कहा पूरी जिंदगी में एक भी धर्म परिवर्तन नहीं कराया
प्रयागराज। धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाने की रिपोर्ट के बाद बिशप पीटर बलदेव ने कहा है कि कुछ सत्ताधारी पक्ष के दो नेता वसूली के लिए दबाव बना रहे हैं। उनके दबाव पर पुलिस ने बिना जांच के ही एकतरफा रिपोर्ट दर्ज की है। उन्होंने पुलिस को अपना पक्ष रख दिया है। अगर उनकी न सुनी गई तो ईसाई संगठनों से बात कर वह देशव्यापी आंदोलन करेंगे।
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बिशप ने इस मामले में अपना पक्ष रखते हुए कहा है कि कोर्ट ने खातों को फ्रीज किया था, जिसके बाद कुछ कर्मचारियों को तनख्वाह नहीं दी जा रही थी। इन कर्मचारियों में संजय भी शामिल था। इन लोगों ने मेरे दफ्तर और घर पर प्रदर्शन किया, लेकिन कभी भी धर्म परिवर्तन की बात नहीं कही। उनकी अनुशासनहीनता पर मई के आखिरी हफ्ते में संजय समेत अन्य कर्मचारियों को नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया। इसके बाद बीजेपी के दो नेता इन्हें अपना मोहरा बनाकर वसूली का खेल खेलने लगे और धर्म परिवर्तन का झूठा आरोप लगा दिया। उन्होंने कहा कि उन्होंने पूरी जिंदगी में कभी धर्म परिवर्तन नहीं किया। उन्होंने आज एडीजी एसएन साबत से पूरी बात बताई है। एडीजी ने निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया है। वह ईसाई संगठनों के प्रमुख नेताओं के साथ जल्द ही मुख्यमंत्री से मिलकर शिकायत दर्ज कराएंगे।
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