हाथी के अचानक से गुस्सा होने के पीछे क्या कारण था, इस बात की जानकारी नहीं हो सकी है। इसके साथ ही उसके द्वारा किए गए नुकसान का अनुमान भी अभी लगाया जाएगा।
थरवई के नारायणपुर गांव के राजेश के घर से सरायनायत के अलमापुर गांव में साधु दुबे के घर बरात आई थी। बारात में हाथी और घोड़े भी थे। शुक्रवार की रात तकरीबन 9 बजे द्वारचार हो रहा था। इसी दौरान हाथी के कान में महावत ने कुछ कहा। तभी वह भड़क गया।
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इसके बाद भड़के हाथी ने विवाह स्थल पर जमकर उत्पात मचाया। हाथी के भड़कने पर विवाह स्थल पर भगदड़ मच गई। दूल्हा भी बग्घी छोड़कर भागा। शादी में मौजूद लोगों ने भी घर के भीतर घुसकर अपनी जान बचाई। भड़के हाथी ने पंडाल भी गिरा दिया था।
किसी तरह तकरीबन एक घंटे बाद महावत भड़के हाथी को लेकर वहां से गया। महावत ने भी किसी तरह हाथी को काबू किया। इस दौरान हाथी ने एक सफारी वाहन को पलट दिया था। सूचना पर तीन थानों की फोर्स मौके पर पहुंची। तब जाकर हाथी को काबू में किया जा सका।
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भगदड़ में कुछ लोग घायल भी हुए हैं। पुलिस की मदद से हाथी को विवाह स्थल से हटाया गया। रात ग्यारह बजे के बाद विवाह का कार्यक्रम आगे बढ़ाया जा सका।