इलाहाबाद जिला न्यायालय ने नाबालिग बेटी के अपहरण और दुष्कर्म का फर्जी मुकदमा लिखाने पर पिता के खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया है। गंभीर धाराओं में फंसाए गए फतेहपुर के खागा निवासी आरोपी युवक को कोर्ट ने बरी कर दिया है।
पॉक्सो एक्ट की विशेष न्यायाधीश सुशील कुमारी की अदालत ने पीड़िता के बयानों के आधार पर .यह फैसला सुनाया। प्रयागराज के खीरी थाना क्षेत्र में रहने वाले एक पिता ने 17 दिसंबर 2021 को नाबालिग बेटी के अपहरण की एफआईआर दर्ज कराई थी। आरोप फतेहपुर जिले के खागा निवासी नौशाद पर लगा था। एफआईआर में कहा था कि उसकी बेटी 14 दिसंबर-21 की शाम बाजार गई थी, लेकिन लौटी नहीं।
खोजबीन करने पर जानकारी हुई कि नौशाद ने उसका अपहरण किया है। पुलिस ने नाबालिग के अपहरण, दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के आरोपों की पुष्टि करते हुए कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया। कोर्ट में विचारण के दौरान बेटी ने बताया कि उसकी मां का निधन बचपन में ही हो गया था। पिता ने दूसरी शादी कर ली। शादी की इच्छा नहीं थी, लेकिन दादी दबाव बनाने लगीं। इसी से गुस्सा होकर बुआ के घर चली गई थी।
बेटी ने पिता के आरोपों को गलत बताते हुए कहा कि उसे न किसी ने भगाया था और न ही जबरन शारीरिक संबंध बनाया है। जिरह के दौरान पिता ने भी माना कि उसने लोगों के कहने पर नौशाद के खिलाफ एफआईआर लिखाई थी। तहरीर भी किसी दूसरे ने लिखी थी, उसने सिर्फ अंगूठा लगाया था। कोर्ट ने आरोपी को दोष मुक्त करते हुए झूठी एफआईआर दर्ज कराने के लिए नाबालिग के पिता पर मुकदमा चलाने का आदेश दिया।