फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Prayagraj News: बालिग के शादीशुदा जीवन में किसी को हस्तक्षेप का अधिकार नहीं: हाईकोर्ट

Thu, 10 Sep 2020 04:15 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
विज्ञापन
इलाहाबाद हाई कोर्ट - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
हाईकोर्ट ने अपनी मर्जी से शादी करने वाले बालिग जोडे़ को उत्पीड़न से सुरक्षा देने का पुलिस को निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा कि 2018 में पास्को एक्ट के तहत चल रहा मुकदमा कानून के तहत निर्णीत किया जाय।

 

कोर्ट ने सुप्रीमकोर्ट के फैसले का हवाला देते हुए कहा कि यदि लड़का-लड़की दोनों बालिग हैं तो अपनी मर्जी से रह सकते हैं। माता-पिता सहित किसी को भी उनके शादीशुदा शांतिपूर्ण जीवन में हस्तक्षेप करने का अधिकार नहीं है।

विज्ञापन

यह आदेश न्यायमूर्ति डॉ. केजे ठाकर ने कानपुर नगर की प्रिया वर्मा व अन्य की याचिका पर दिया है। कोर्ट ने कहा कि इस समय दोनों बालिग हैं। एफआईआर दर्ज करते समय नाबालिग थे, इससे इनके शादीशुदा जिंदगी में फर्क नहीं पडे़गा।

 

कोर्ट ने कहा कि यदि कोई याचियों को परेशान करे तो वह पुलिस संरक्षण मांगें और पुलिस उनको संरक्षण दे। कोर्ट ने कहा कि यदि परिवार के लोगों को लगता है कि फर्जी दस्तावेज से आदेश लिया गया है तो वह इस आदेश की वापसी की अर्जी दे सकते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें