शिल्प मेला की आठवीं शाम गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व के नाम
प्रयागराज। सांस्कृतिक केंद्र की ओर से आयोजित शिल्प मेले की आठवीं शाम गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व के नाम रही। मानवता के संदेश के साथ आध्यात्मिक कीर्तन समागम के दौरान मुक्ताकाशी मंच पर कहो वाहे गुरु,जपो वाहे गुरु का जयघोष गूंजा। इसी के साथ महिला कथा गायन और देश के विविध अंचलों के पारंपरिक मनमोहक नृत्यों की छटा भी बिखरी। रविवार का दिन होने के कारण शिल्प हाट में बड़ी संख्या में शहरी पहुंचे और उन्होंने तरह-तरह के शिल्प और स्वाद का लुत्फ लिया। वहीं केंद्र की ओर से गुरुद्वारा खुल्दाबाद में गुरुनानक देव पर आधारित चित्रकार कार्यशाला के चित्रों की प्रदर्शनी भी महात्मा गांधी कला वीथिका में लगाई गईं।
सांस्कृतिक केन्द्र तथा श्री गुरु सिंह सभा की ओर से आयोजित कीर्तन समागम में ‘किरत करो, नाम जपो एवं बड छको’ का उपदेश और गुरु नानक देव जी का संदेश गूंजा। कीर्तन समागम ने भारतीय संस्कृति में सिख गुरुओं के योगदान व उनके संदेशों का गायन किया गया। लखनऊ से आए भाई राजेंद्र सिंह एवं दल की ओर से ‘कल तारन गुरु नानक आया’ का कीर्तन किया गया तो जुटे श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। भाई राजेन्द्र सिंह की ओर से सत गुरु नानक प्रगटिया तथा ‘मिटी धुंध जग चानण होआ, के कीर्तन ने भी श्रद्धालुओं को बांधे रखा।
कीर्तन समागम में गुरु तेग बहादुर खालसा इंटर कालेज की छात्राओं ने भी कीर्तन किया।
गुरुद्वारा प्रीतम नगर से जुड़े सरदार मनमोहन सिंह ‘तन्हा’ ने भी अपनी रचनाओं से गुरुनानक देव जी की महिमा बखानी। केन्द्र निदेशक इन्द्रजीत ग्रोवर की पहल पर हुए कार्यक्रम में श्रीगुरु सिंह सभा के अध्यक्ष सरदार जोगिन्दर सिंह एवं महामंत्री प्रीतम सिंह सहयोगी रहे।
इसी क्रम में मुक्ताकाशी मंच पर छत्तीसगढ़ की पांडवानी गायिका मीना साहू का महाभारत पर आधारित द्रौपदी चीरहरण प्रसंग, रेखा निषाद का भरथरी व लोरिक चंदा के प्रेम प्रसंग पर आधारित चनैनी गायन, रायबरेली की शीलू सिंह के आल्हा गायन ने महिला कथा गायकों की जीवंत लोकगायकी से श्रोताओं को बखूबी परिचित कराया। इसके अतिरिक्त उड़ीसा का रणप्पाचढ़ैया, शंखवादन, मिजोरम की लोक संस्कृति का प्रतीक चेराव लोकनृत्य, मध्य प्रदेश के डिंडौरी, महाराष्ट्र व गुजरात के लोकनृत्यों की मनोरम व सधी प्रस्तुतियां भी आनंदित करती रहीं। अंत में योग कार्यशाला के प्रशिक्षुओं ने मंच पर योग प्रदर्शन भी किया।
शिल्पमेले की शाम, प्रयागराज के नामचीन कवियों के नाम, डॉ.कुमार पेश करेंगे ‘तर्पण’
प्रयागराज। शिल्प मेले की नौवीं शाम कैलाश गौतम सहित प्रयागराज के नामचीन कवियों के नाम होगी। मिंट इवेंट्स के सहयोग से सोमवार को मुक्ताकाशी मंच पर जानेमाने कवि डॉ.कुमार विश्वास पहली बार प्रयागराज में ‘तर्पण’ के तहत नामचीन कवियों को उन्हीं की रचनाओं की सांगीतिक प्रस्तुति से याद करेंगे। इसमें महाप्राण निराला, महादेवी वर्मा, सुमित्रानंदन पंत, धर्मवीर भारती, हरिवंश राय बच्चन और कैलाश गौतम शामिल हैं।
संभवत: पहली बार ही यह भी होगा कि आमजन के लिए आयोजित केंद्र के शिल्प मेले की कोई शाम पूरी तरह से प्रायोजित होगी। प्रायोजक मिंट की प्रियंवदा के मुताबिक कुमार के कार्यक्रम में बैठने की व्यवस्था सिर्फ ‘पास’ के माध्यम से रहेगी। ऐसे में केंद्र के प्रवेश शुल्क से शिल्पहाट में प्रवेश करने वाले खड़े होकर ही कुमार को सुन सकेंगे।
Prayagraj shilp mela 2019- फोटो : CITY DESK