संजीव पहले भी दे चुका था तीन खाते
सूत्रों के मुताबिक, जेल भेजे जाने से पहले आरोपियों में शामिल दोनों एजेंटों दिव्यांशु व पुलकित ने कुछ और भी खुलासे किए। बताया कि बरेली का संजीव उन्हें पहले भी कमीशन के लालच में अपने तीन खातों का एक्सेस दे चुका था। इसके बदले उसे तीन लाख रुपये तीन बार में दिए गए। उधर उसका साला सुरजीत अपनी जान पहचान के ऐसे लड़कों को ढूंढ़ता था जो पैसों के लिए खाता खुलवाने व खाते का एटीएम कार्ड, कस्टमर आईडी, पासवर्ड देने को तैयार हो जाते थे।
पूरी रकम की बरामदगी बेहद मुश्किल
पुलिस सूत्रों का कहना है कि इस मामले में खाते में बचे रुपयों को छोड़कर शेष रकम की बरामदगी पुलिस के लिए बेहद मुश्किल है। बरेली स्थित आईसीआईसीआई बैंक के खाते में भेजी गई 65 लाख की रकम में से एक रुपये भी साइबर ठगों ने शेष नहीं छोड़े हैं। जबकि कोलकाता व सिलिगुड़ी स्थित खातों में भेजी गई रकम में से भी महज 12.22 लाख रुपये बचे हैं। ऐसे में पूरी रकम की बरामदगी का टास्क पुलिस के लिए टेढ़ी खीर है।