मेडिकल चौराहे के पास एचडीएफसी का एटीएम तोड़ने का आरोपी सोमवार को गिरफ्तार कर लिया गया। अमर उजाला में खबर छपने के बाद नींद से जागी पुलिस ने आखिरकार उसे ढूंढ निकाला। सूत्रों की मानें तो पूछताछ में उसने बताया है कि वह नशे का आदी है और रुपयों की जरूरत होने पर उसने एटीएम तोड़ने की कोशिश की। हालांकि, जार्जटाउन इंस्पेक्टर गिरफ्तारी की बात से इंकार करते रहे।
सलोरी में एटीएम काटकर 11.51 लाख चोरी किए जाने की घटना के ठीक एक दिन बाद यानी 30 मई को जार्जटाउन में लाउदर रोड पर स्थित एचडीएफसी के एटीएम को निशाना बनाया गया था। सीसीटीवी फुटेज देखने से पता चला था कि पेचकस व अन्य औजारों से लैस होकर पहुंचे 20-25 साल के एक युवक ने एटीएम का चेस्ट तोड़ने की कोशिश की। यही नहीं उसने केबिन के बाहर और भीतर लगे दो सीसीटीवी कैमरे भी तोड़ दिए। इसके अलावा एटीएम में लगी एलसीडी स्क्रीन भी क्षतिग्रस्त कर दी। हालांकि, वह एटीएम का चेस्ट तोड़ने में नाकाम रहा, जिससे उसमें रखी नकदी सुरक्षित बच गई थी।
एटीएम की देखरेख करने वाली कंपनी की ओर से तकनीकी कारणों से शिकायत नहीं की जा सकी। इसी को आधार बनाकर जार्जटाउन पुलिस ने तीन दिन तक जांच पड़ताल नहीं शुरू की। सोमवार को अमर उजाला में खबर छपी तब जाकर हड़कंप मचा। आननफानन में फुटेज के सहारे आरोपी सत्येंद्र पाल उर्फ सोनू की तलाश शुरू की गई और फिर उसे पकड़ लिया गया। चर्चा रही कि आरोपी को पकड़ने के बाद आननफानन में एटीएम अफसर फूलंचद को बुलाकर तहरीर ली गई और मामला दर्ज किया गया। हालांकि, जार्जटाउन पुलिस गिरफ्तारी की बात से ही इंकार करती रही।
सूत्रों की मानें तो एटीएम तोड़ने का प्रयास करने का आरोपी सत्येंद्र उर्फ सोनू शिवकुटी के नयापुरवा का रहने वाला है। वह नशे का आदी है और उसे रुपयों की जरूरत थी। यही वजह थी कि 30 मई की भोर में वह एटीएम तोड़ने पहुंच गया। आरोपी ने एटीएम के बाहर व भीतर लगे सीसीटीवी कैमरे भी क्षतिग्रस्त कर दिए थे, लेकिन इससे पहले उसकी तस्वीर इसमें कैद हो गई थी।